PTB Big न्यूज़ बिलासपुर : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज यानि मंगलवार को तीन दिवसीय हिमाचल दौरे पर बिलासपुर पहुंचीं। राष्ट्रपति ने यहां अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पहले दीक्षांत समारोह में शिरकत की। उन्होंने डॉक्टरों को डिग्रियां और मेडल प्रदान किए। एम्स बिलासपुर से डिग्री लेने वाले डॉक्टरों से उन्होंने कम से कम एक-दो साल के लिए दुर्गम क्षेत्रों में जाने का आह्वान किया। एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए
.राष्ट्रपति ने डिग्री व मेडल पाने वाले डॉक्टरों से दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं देने की अपील की। उन्होंने कहा कि डॉक्टर दुर्गम क्षेत्रों में नहीं जाना चाहते। सेवा में संतुष्टि है और सेवा का भाव जीवनभर साथ रहता है। राष्ट्रपति ने कहा कि डॉक्टरों का मुख्य उद्देश्य मानवता की सेवा होना चाहिए। बीमारी की स्थिति में मरीज और उसके परिजन डर और अनिश्चितता के बीच डॉक्टर के पास उम्मीद लेकर आते हैं। डॉक्टर का ज्ञान बीमारी की पहचान करता है और कौशल उसका इलाज करता है।
.उन्होंने कहा कि आपकी संवेदनशीलता और करुणापूर्ण व्यवहार मरीज को हिम्मत देता है। इसलिए उन्होंने विद्यार्थियों से अपने पेशे में श्रेष्ठ बनने के साथ संवेदनशीलता और करुणा को अपनाने की अपील की। राष्ट्रपति ने कहा कि सामान्य परिवारों के लिए गंभीर बीमारी का इलाज कराना आर्थिक रूप से भारी पड़ता है और कई बार इलाज के खर्च में लोगों की जमीन-जायदाद तक बिक जाती है।
.कमजोर वर्गों की इस समस्या को दूर करने के लिए भारत सरकार ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत प्रत्येक परिवार को पांच लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से आग्रह किया कि इस योजना की जानकारी हिमाचल के दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद लोगों तक भी पहुंचाई जाए। राष्ट्रपति ने मेडिकल विद्यार्थियों से लगातार सीखते रहने की अपील की।

उन्होंने कहा कि चिकित्सा पद्धतियों, तकनीक और स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी से बदलाव हो रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों को जीवनभर सीखने वाला बने रहना होगा। अपनी जानकारी को रिसर्च में बदलें, रिसर्च को इनोवेशन में बदलें और इनोवेशन के जरिए लोगों का जीवन बेहतर बनाने का प्रयास करें। इससे पहले हिमाचल के गवर्नर कविंद्र गुप्ता, सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने एम्स बिलासपुर पहुंचकर राष्ट्रपति का स्वागत किया।
.दीक्षांत समारोह के बाद राष्ट्रपति एम्स बिलासपुर के हेलीपैड से मनाली पहुंचीं। यहां लोगों ने हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया। वह मनाली में सासे हेलीपैड पहुंचने के बाद सर्किट हाउस जाएंगी। यहां उनके ठहरने की व्यवस्था की गई है। राष्ट्रपति दो दिन मनाली में रहेंगी। कल यानी बुधवार को वह अटल टनल रोहतांग का दौरा करेंगी। इसके बाद मनाली लौटकर लंच करेंगी। दोपहर बाद माता हिडिंबा मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगी।
.8 अक्टूबर सुबह राष्ट्रपति सासे हेलीपैड से दिल्ली के लिए रवाना होंगी। एम्स बिलासपुर के पहले दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति ने 2020 बैच के 43 एमबीबीएस पासआउट डॉक्टरों को डिग्री दी। इसके अलावा 2023 बैच के 14 एमडी-एमएस चिकित्सक, 2022 बैच के 26 नर्सिंग प्रशिक्षु और 9 पैरामेडिकल को भी डिग्री प्रदान की। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए बिलासपुर, मनाली और अटल टनल क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।
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एम्स परिसर और आसपास करीब 250 पुलिस व होमगार्ड जवान तैनात किए गए। मनाली से अटल टनल और हिडिंबा मंदिर तक के मार्ग पर भी जगह-जगह पुलिस जवान तैनात किए गए। राष्ट्रपति के दौरे और दीक्षांत समारोह के चलते एम्स बिलासपुर की ओपीडी मंगलवार को बंद रही। इस दौरान मरीजों का ओपीडी पंजीकरण और नियमित चिकित्सीय परामर्श नहीं दिया गया। एम्स प्रशासन ने पहले ही मरीजों से आज अस्पताल नहीं आने की अपील की थी।
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हालांकि आपातकालीन सेवाएं जारी रही। राष्ट्रपति के अटल टनल दौरे को देखते हुए मंगलवार शाम आठ बजे से बुधवार दोपहर 12 बजे तक अटल टनल की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी। 7 अक्टूबर को पलचान से अटल टनल रोहतांग तक सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। प्रशासन ने लोगों से इस अवधि में वैकल्पिक मार्ग और यात्रा की योजना बनाने की अपील की है।
































