PTB Political न्यूज़ जालंधर : शिरोमणी अकाली दल ने आज दो जुड़वां भाइयों की आत्महत्या मामले में बर्खास्त इंस्पेक्टर नवदीप सिंह को जमानत लेने और सबूत मिटाने के लिए समय देने के लिए आप सरकार की कड़ी निंदा करते हुए नवदीप की तत्काल गिरफ्तारी और मामले में अन्य पुलिस कर्मियों को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की है।
यहां पत्रकारों को संबोधित करते हुए जिसमें जुड़वां भाइयों मानवजीत सिंह ढ़िल्लों और जशनजीत सिंह ढ़िल्लों के पिता के साथ वरिष्ठ अकाली नेता और पूर्व मंत्री सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि यह बेहद निंदनीय है कि 24 दिन का समय बीत चुका है , जब दोनों भाइयों ने इंस्पेक्टर नवदीप सिंह, एएसआई बलविंदर कुमार और महिला कांस्टेबल जगजीत कौर से अपमान के बादब्यास में कूदकर आत्महत्या कर ली थी।
उन्होंने आगे कहा कि पहले तो पुलिस दोनों भाइयों के शव ढ़ूंढ़ने में असफल रही, ताकि शवों की बरामदगी न होने से मामले में किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई न हो और जब जशनजीत का शव बरामद किया गया तो इंस्पेक्टर नवदीप सिंह और अन्य दो पुलिस कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नही की गई। उन्होने कहा कि परिवार ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न होने तक शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया, इसीलिए इंस्पेक्टर नवदीप सिंह के खिलाफ बर्खास्त करने के आदेश जारी किए गए, लेकिन आज तक न तो उन्हे और न ही अन्य दो पुलिस कर्मियों को मामले में गिरफ्तार किया गया।
सरदार मजीठिया ने सरकार से आग्रह किया है कि वह समय बर्बाद करने से बचकर न सिर्फ नवदीप को गिरफ्तार करे बल्कि अन्य दो दोषियों को सेवा से बर्खास्त करें। उन्होने इस मामले में इस्पेक्टर नवदीप सिंह को संरक्षण देने वालों के खिलाफ धारा 120 बी के तहत कार्रवाई की भी मांग की है। उन्होने कहा कि स्थानीय विधायक रमन अरोड़ा इन संदिग्ध पुलिस कर्मियों को संरक्षण दे रहे हैं और उन्होने अपने क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पुलिस स्टेशनों में उनकी पोस्टिंग सुनिश्चित की थी।
पूर्व मंत्री ने कहा कि वह जल्द ही मीडिया के सामने पूरे सबूत के साथ पर्दाफाश करेंगें कि नवदीप सिंह की संदिग्ध कार्यप्रणाली राज्य के लोगों और पुलिस बल के लिए कितना हानिकारक साबित हो रही है। नवदीप सिंह की पत्नी के बयान पर पूछे गए सवाल पर सरदार मजीठिया ने उनके बयान पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया और कहा कि सभी सम्मानित हैं लेकिन वह व्यक्तिगत मुददे पर नही बल्कि केवल दोनों भाइयों और उनके परिवार के लिए न्याय सुनिश्चित करना चाहते हैं। वरिष्ठ अकाली नेता ने पिछले एक महीने से मामले में कोई कार्रवाई न करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान की निंदा करते हुए पूछा कि क्या वह अपने जालंधर दौरे पर परिवार से मिलकर उन्हे सांत्वना देंगें और उनके लिए न्याय सुनिश्चित करने के लिए उनसे मिलेंगें?
सरदार मजीठिया ने नवनियुक्त सब इंस्पेक्टरों से माफी मांगने के लिए कहते हुए कहा कि उन्होने पिछले छह महीनों से नियुक्तियों में देरी की है ताकि सुशोभित वीर सिंह पुत्र मंत्री बलकार सिंह जिन्होने आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई में शामिल पुलिस कर्मियों के बच्चों की जगह गलत और अवैध प्रमाण पत्र बनाकर नौकरी पाने की कोशिश की थी। उन्होने कहा कि अकाली दल उनकी पूरी साजिश का पर्दाफाश करने के बाद ही उन्हे हाईकोर्ट से केस वापिस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा और अब छह महीने के बाद ये नियुक्तियां की गई हैं। वरिष्ठ अकाली नेता ने दोहराया कि चाहे कुछ भी हो, वह दोनों भाइयों के परिवारों के लिए न्याय सुनिश्चित करेंगें।






































