PTB Big न्यूज़ नई दिल्ली : 6 बालिग पहलवानों के यौन शोषण केस में भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को कोर्ट ने पेशी के लिए तलब किया है। इस मामले में शुक्रवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई। बृजभूषण शरण सिंह के अलावा उनके सेक्रेटरी विनोद तोमर को भी समन भेजा गया है। दोनों को 18 जुलाई को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया गया है।
महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले में पुलिस ने चार्जशीट में बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 354, 354-A और 354D और सह आरोपी विनोद तोमर के खिलाफ आईपीसी की धारा 109, 354, 354 (A), 506 के तहत आरोप लगाए हैं। इससे पहले इस मामले की सुनवाई 1 जुलाई को हुई थी। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने यौन उत्पीड़न मामले में दायर आरोप पत्र पर संज्ञान लेने पर विचार के लिए 7 जुलाई की तारीख तय की थी।
बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ नाबालिग पहलवान के बयानों पर दर्ज केस की क्लोजर रिपोर्ट पर बीते मंगलवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई। कैंसिलेशन रिपोर्ट पर चर्चा के बाद कोर्ट ने बयान बदलने पर नाबालिग पहलवान और उसके पिता को नोटिस जारी कर बयान बदलने की वजह पूछी है। कोर्ट ने दोनों से 1 अगस्त तक जवाब मांगा है। इस दौरान जज ने कहा कि कोर्ट नाबालिग का पक्ष जनना चाहता है।
नाबालिग के पक्ष आने के बाद ही कोर्ट केस को रद्द करने पर फैसला लेगा। बृजभूषण के खिलाफ करीब 7 गवाह मिले हैं। वहीं, यौन शोषण की कथित जगह पर उनकी मौजूदगी के भी सबूत मिले हैं। चार्जशीट की पहली सुनवाई पर कोर्ट ने इसे MP-MLA कोर्ट में ट्रांसफर किया था। इसके अलावा, सोमवार को कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को चार्जशीट की एक कॉपी शिकायतकर्ता पहलवानों को देने के आदेश दिए हैं।
बालिग पहलवानों के केस में पुलिस ने 1500 पन्नों की चार्जशीट पेश की. इसमें पुलिस ने पहलवानों के सीआरपीसी की धारा 164 के तहत मजिस्ट्रेट के आगे दिए बयान को चार्जशीट का प्रमुख आधार माना है। पुलिस ने कहा कि बालिग पहलवानों ने जिस जगह पर उनके साथ यौन शोषण के आरोप लगाए हैं, वहां आरोपियों की मौजूदगी के सबूत मिले हैं।








































