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कोलकाता रेप और मर्डर केस मामले में SC ने CBI को दिया एक हफ्ते का समय,

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PTB Big न्यूज़ नई दिल्ली : कोलकाता के RG Kar मेडिकल अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर से रेप और मर्डर के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। पश्चिम बंगाल सरकार ने अस्पताल में हुई तोड़फोड़ के मामले में कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की। वहीं, सीबीआई ने मामले में अभी तक की जांच को लेकर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए सीलबंद लिफाफे में पेश की गई रिपोर्ट की समीक्षा की।

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बंगाल सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पीठ को बताया कि हमने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने रिपोर्ट पेश की है। डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से 23 लोगों की मौत हुई है। वहीं, सीबीआई की ओर से मामले में पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार सीबीआई से क्या छिपाना चाहती है? हमें पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से दाखिल जवाब की कॉपी नही मिली है।

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पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से कपिल सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि हमने जवाब की कॉपी सिर्फ कोर्ट में जमा की है। हमने सीबीआई को अभी तक कॉपी नही दी है। सिब्बल ने कहा डॉक्टरों की हड़ताल की वजह से जब डॉक्टर अस्पताल में काम नही कर रहे थे, उस दौरान 23 लोगो की इलाज नहीं मिलने से मौत हो गई। सॉलिसिटर मेहता ने कहा कि हमारे पास फॉरेंसिक रिपोर्ट है। जब सुबह 9.30 बजे डेड बॉडी मिली। वह अर्द्धनग्न अवस्था में थी।

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शरीर पर चोट के निशान थे। ये बेहद गंभीर मामला है। उसके बाद सीबीआई ने तय किया कि घटनास्थल और शव से मिले सैंपल एम्स भेजे जाएं। ऐसे में सैंपल किसने लिए हैं, कैसे लिए हैं। ये जानना जरूरी हो जाता है। इस मामले पर पेश स्टेटस रिपोर्ट पर गौर करते हुए सीजेआई चंद्रचूड़ ने पूछा कि प्रिंसिपल का घर अस्पताल से कितनी दूर था? इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि उनका घर अस्पताल से कम से कम 15 से 20 मिनट की दूरी पर है। सीजेआई ने पूछा कि अप्राकृतिक मौत का वक्त क्या था? अप्राकृतिक मौत की एंट्री कब हुई?

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इस पर सिब्बल ने कहा कि मृत्यु प्रमाण पत्र 1.47 बजे पर मिला। रात 2.55 बजे अप्राकृतिक मौत को लेकर एंट्री दर्ज हुई. कोर्ट ने कहा कि फिर इतना समय क्यों लगा? सीजेआई ने पूछा कि तलाशी और बरामदगी कब हुई? इस पर सिब्बल ने कहा कि रात 8.30 बजे बरामदगी हुई। जब बॉडी पोस्टमार्टम के लिए ले जाई गई तब से प्रक्रिया शुरू हुई। उससे पहले वहां की फोटोग्राफी का काम पूरा हो गया था। सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि क्या कोलकाता पुलिस ने 8:30 से 10:45 तक की पूरी फुटेज सीबीआई को सौंप दी है?

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इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि हां हमें मिल गई है। कुल चार क्लिपिंग्स हैं। ये क्लिपिंग 27 मिनट की अवधि की हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर पूछा की FIR कब दर्ज हुई है। इस पर पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा कि दोपहर 2.55 बजे FIR दर्ज हुई जबकि डेथ सर्टिफिकेट दोपहर 1.47 बजे दिया गया। सीजेआई ने कहा कि हमें अप्राकृतिक मौत के मामले में स्पष्टीकरण चाहिए। इस मामले में अब कोर्ट ने सीबीआई को जांच के लिए एक हफ्ते का वक्त और दिया है।