PTB News

Latest news
श्री चंद्रमोहन, प्रधान,आर्य शिक्षा मंडल ने के.एम.वी. कैंपस में एच. डी. एफ. सी. बैंक की नई ए.टी.एम. क... इनोसेंट हार्ट्स कॉलेज ऑफ एजुकेशन पंजाब बीएड रजिस्ट्रेशन प्रवेश 2024 प्रारंभ, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का सख्त एक्शन, उठाया बड़ा कदम, सरकार ने किया बिजली बिल पर मंथली रेंट पूरी तरह से खत्म, अब देने होंगे केवल यूनिट के पैसे, डीआईजी जालंधर रेंज ने किया थाने का औचक निरीक्षण, एसएचओ को किया निलंबित, जाने पूरा मामला, जालंधर वेस्ट में होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस किस प्रत्याशी को उतारने जा रही है चुनाव मैदान में, जालंधर वेस्ट में इस बार चुनावी दंगल होगा दिलचस्प, एक बार फिर से आमने सामने हुए आप और भाजपा प्रत्याशी... सेंट सोल्जर लॉ कॉलेज में दाखिला लेने के लिए बढ़ रही रूचि जज उम्मीदवार छात्रों की, के.एम.वी. के द्वारा कौशल विकसित करती नि:शुल्क समर क्लासेस-2024 सफलतापूर्वक संपन्न, ਲਾਇਲਪੁਰ ਖ਼ਾਲਸਾ ਕਾਲਜ ਜਲੰਧਰ ਦੇ ਪੀ.ਜੀ.ਡੀ.ਸੀ.ਏ. ਦੀ ਵਿਦਿਆਰਥਣ ਨੇ ਪ੍ਰਾਪਤ ਕੀਤਾ ਪਹਿਲਾ ਸਥਾਨ,
Translate

कोवीशील्ड के बाद कोवैक्सिन लगवाने वालों को बड़ा झटका, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगाया था पहला डोज, जानें हैरान करने वाले नतीजे,

coronavirus-bharat-biotech-covaxin-vaccine-side-effects-big-news

.

PTB Big न्यूज़ नई दिल्ली : भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन- कोवैक्सिन के भी साइड इफेक्ट्स हैं। यह बात इकोनॉमिक टाइम्स ने साइंस जर्नल स्प्रिंगरलिंक में पब्लिश हुई एक रिसर्च के हवाले से लिखी है। रिसर्च के मुताबिक, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) में हुई स्टडी में हिस्सा लेने वाले लगभग एक तिहाई लोगों में कोवैक्सिन के साइड इफेक्ट्स देखे गए हैं।

.

.

स्टडी में हिस्सा लेने वाले लोगों में सांस संबंधी इन्फेक्शन, ब्लड क्लॉटिंग और स्किन से जुड़ी बीमारियां देखी गईं। शोधकर्ताओं ने पाया कि टीनएजर्स, खास तौर पर किशोरियों और किसी भी एलर्जी का सामना कर रहे लोगों को कोवैक्सिन से खतरा है। हालांकि, कुछ दिन पहले कोवैक्सिन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक ने कहा था कि उनकी बनाई हुई वैक्सीन सुरक्षित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कोवैक्सिन के दो डोज लगवाए थे। 

.

स्टडी करने वाली शंख शुभ्रा चक्रवर्ती ने कहा, “हमने उन लोगों का डेटा कलेक्ट किया जिन्हें वैक्सीन लगे एक साल हो गया था। 1,024 लोगों पर स्टडी हुई। इनमें से 635 किशोर और 291 वयस्क शामिल थे।” स्टडी के मुताबिक, 304 (47.9%) किशोरों और 124 (42.6%) वयस्कों में सांस संबंधी इन्फेक्शन (अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन) देखे गए। इससे लोगों में सर्दी, खांसी जैसी समस्याएं देखी गईं। स्टडी में पाया गया कि स्टडी में हिस्सा लेने वाले टीनएजर्स में स्किन से

.

.

जुड़ी बीमारियां (10.5%), नर्वस सिस्टम से जुड़े डिसऑर्डर (4.7%) और जनरल डिसऑर्डर (10.2%) देखे गए। वहीं, वयस्कों में जनरल डिसऑर्डर (8.9%), मांसपेशियों और हड्डियों से जुड़े डिसऑर्डर (5.8%) और नर्वस सिस्टम से जुड़े डिसऑर्डर (5.5%) देखे गए। कोवैक्सिन के साइड इफेक्ट्स पर हुई स्टडी में 4.6% किशोरियों में मासिक धर्म संबंधी असामान्यताएं (अनियमित पीरियड्स) देखी गईं। प्रतिभागियों में आंखों से जुड़ी असामान्यताएं (2.7%) और हाइपोथायरायडिज्म (0.6%) भी देखा गया।

.

वहीं, 0.3% प्रतिभागियों में स्ट्रोक और 0.1% प्रतिभागियों में गुलियन बेरी सिंड्रोम (GBS) की पहचान भी हुई। गुलियन बेरी सिंड्रोम (GBS) एक ऐसी बीमारी है जो लकवे की ही तरह शरीर के बड़े हिस्से को धीरे-धीरे निशक्त कर देती है। अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर एंड स्ट्रोक (NINDS) के मुताबिक, गुलियन बेरी सिंड्रोम (GBS) एक रेयर न्यूरोलॉजिकल बीमारी है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि स्टडी में हिस्सा लेने वाले जिन टीनएजर्स और महिला वयस्कों को पहले से कोई एलर्जी थी और जिन्हें वैक्सीनेशन के बाद टाइफाइड हुआ उन्हें खतरा ज्यादा था।

.

.

.

Latest News