PTB Big न्यूज़ नई दिल्ली : अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे हरियाणा के 50 युवकों को वहां की सरकार ने डिपोर्ट {Deport} कर भारत भेज दिया है। दिल्ली एयरपोर्ट पर इन सभी युवकों को लेकर विमान पहुंचा। विमान से उतरते ही युवकों के हाथ और पैरों में लगी हथकड़ियों को देखकर परिजन भावुक हो उठे। एयरपोर्ट से हरियाणा के विभिन्न जिलों की पुलिस इन युवकों को अपने-अपने जिलों में लेकर गई। इनमें सबसे अधिक 14 युवक कैथल जिले के हैं।
. .यह सभी युवक कुख्यात ‘डंकी रूट’ {Donkey Route} के जरिए अमेरिका पहुंचे थे। वे पनामा के खतरनाक जंगलों, निकारागुआ और ग्वाटेमाला जैसे देशों से गुजरकर वहां पहुंचे। कई युवकों ने पहले छोटे देशों में प्रवेश किया और फिर अवैध रास्तों से अमेरिका में दाखिल हुए। सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका जाने के लिए इन युवकों ने 50 से 70 लाख रुपये तक खर्च किए थे। किसी ने अपनी जमीन बेच दी तो किसी ने भारी ब्याज पर लोन लिया।
. .वहीं इस दौरान कैथल के गांव के नरेश कुमार ने मीडिया को बताया कि उसने अपनी एक एकड़ जमीन बेचकर 42 लाख रुपये ट्रैवल एजेंट {Travel Agents} को दिए थे। एजेंट ने दूसरे बॉर्डर से अमेरिका भेजा, लेकिन वहां पहुंचते ही पुलिस ने पकड़ लिया। “इसके बाद से मैं जेल में ही था। अमेरिका की जेलों में सैकड़ों भारतीय बंद हैं। मैं सभी युवाओं से अपील करता हूं कि डंकी रूट {Donkey Route} से कभी विदेश न जाएं,” उसने कहा।
. .वहीं डिपोर्ट {Deport} होकर लौटे युवकों के पास केवल एक-एक बैग था। ये सभी लंबे समय तक अमेरिकी कैंपों में रहे। वहां से प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन्हें भारत भेजा गया। इस मामले में डीएसपी ललित यादव ने बताया कि 14 में से 13 युवकों को पूछताछ के बाद परिजनों के हवाले कर दिया गया है। एक युवक, जिस पर पहले से शराब तस्करी का केस दर्ज था, उसे पुलिस अपने साथ ले गई है।
. .अभी तक किसी युवक ने किसी एजेंट के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं कराई है। डीएसपी ने कहा कि “अगर कोई शिकायत करता है तो ट्रैवल एजेंटों {Travel Agents} पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।” अधिकारियों के अनुसार, यह सिलसिला यहीं नहीं रुकेगा। तीन नवंबर को अमेरिका से डिपोर्ट {Deport} किए गए भारतीयों का एक और विमान भारत पहुंचने वाला है, जिसमें कई हरियाणा निवासी भी शामिल होंगे।

















































