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हिमाचल प्रदेश में फर्जी नियुक्ति पत्र पर नौकरी ज्वाइन करने पहुंचे दो युवक, उसके बाद जो हुआ? जाने पूरा मामला,

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PTB Big न्यूज़ शिमला : हिमाचल प्रदेश सचिवालय शिमला में क्लर्क और चपरासी की नौकरी के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करने का मामला सामने आया है। जिला कांगड़ा के दो युवक इन्हीं नियुक्ति पत्र के आधार पर सचिवालय में क्लर्क और चपरासी की नौकरी ज्वाइन करने पहुंच गए। सचिवालय के उप सचिव मनजीत बंसल ने नियुक्ति पत्रों की जांच की तो ये फर्जी निकले। उप सचिव ने इसकी शिकायत पुलिस को दी।

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युवकों से पूछताछ के आधार पर छोटा शिमला थाना पुलिस ने नियुक्ति पत्र जारी करने वाले शिमला के कोटखाई के परीक्षित आजाद (28) को मंगलवार देर शाम गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच के मुताबिक नियुक्ति पत्रों पर सचिवालय के विशेष प्रशासन विभाग (एसएडी) के अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर थे। पुलिस के मुताबिक गत दिवस पालमपुर के पारस चपरासी और क्लर्क के लिए अजय नौकरी ज्वाइन करने सचिवालय पहुंचे थे। उन्होंने अधिकारियों को नियुक्ति पत्र दिखाए तो उनके होश उड़ गए।

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सचिवालय प्रशासन का कहना था कि उनकी तरफ से क्लर्क और चपरासी पद के लिए कोई भी भर्ती नहीं निकाली गई। युवकों ने बताया कि नियुक्ति पत्र उनके घर के पते पर डाक के माध्यम से आए थे, लेकिन उन्होंने नौकरी के लिए आवेदन नहीं किया था। कांगड़ा का पारस नियुक्ति पत्र लेकर सचिवालय पहुंचा तो नियुक्ति पत्र फर्जी निकलने पर सचिवालय प्रशासन ने इसका रिकॉर्ड खंगाला तो पता चला कि पारस और गिरफ्तार आरोपी परीक्षित कुछ दिन पहले सचिवालय आए थे।

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विजिटर बुक में उनके मोबाइल नंबर दर्ज मिले। मामला पुलिस के पास पहुंचा तो पूछताछ में पारस ने बताया कि परीक्षित ने ही उन्हें नियुक्ति पत्र दिए थे। आशंका है कि नौकरी पाने के लिए आरोपियों में लाखों रुपये का सौदा हुआ है। अब पुलिस तीनों आरोपियों के बैंक खाते भी खंगाल रही है। मामले में जांच टीम ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने और कितने लोगों को इस तरह के फर्जी नियुक्त पत्र दिए हैं व मामले में और कितने लोग शामिल हैं, पुलिस हर पहलु की बारीकी से जांच कर रही है।

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