PTB News “शिक्षा” : आईवी वर्ल्ड स्कूल ने शिक्षा के क्षेत्र में एक और उपलब्धि हासिल करते हुए एजुकेशन कॉन्क्लेव में ‘शिक्षण में तकनीकी नवाचार में उत्कृष्टता पुरस्कार ‘ प्राप्त किया है। यह सम्मान वासल एजुकेशन की चेयरमैन संजीव कुमार वासल को प्रदान किया गया, जो छात्रों के समग्र विकास और उनकी प्रगति के लिए स्कूल की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस समारोह का आयोजन हयात रीजेंसी में चंडीगढ़ में किया गया,
.जिसमें विशेषातिथि के रूप में आए पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने इस पुरस्कार से वासल एजुकेशन के चेयरमैन संजीव कुमार वासल को सम्मानित किया। यह पुरस्कार छात्रों को दी जा रहे शिक्षण में तकनीकी नवाचार, अद्वितीय सुविधाओं, शैक्षणिक सहायता और उनके कौशल को प्रोत्साहित करने वाले प्रयासों के लिए प्रदान किया गया है।
. .आईवी वर्ल्ड स्कूल ने हमेशा यह सुनिश्चित किया है कि हर छात्र को उनकी व्यक्तिगत क्षमता के आधार पर समर्थन और प्रोत्साहन मिले। शिक्षण में तकनीकी नवाचार ने शिक्षा प्रणाली को अधिक प्रभावी, रोचक और छात्र-केंद्रित बना दिया है। वासल एजुकेशन के चेयरमैन संजीव कुमार वासल ने इस विशेष उपलब्धि पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “यह सम्मान हमारे पूरे स्कूल की मेहनत और छात्रों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
.आधुनिक तकनीकों के उपयोग से विद्यार्थियों की समझ, रचनात्मकता और सीखने की गति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। डिजिटल संसाधन और स्मार्ट शिक्षण विधियाँ छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ती हैं। इससे न केवल उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ी है, बल्कि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए भी बेहतर रूप से तैयार हो रहे हैं।हमारा उद्देश्य हमेशा से यह रहा है कि हर बच्चे की विशेषताओं को समझते हुए उन्हें उनकी पूर्ण क्षमता तक पहुंचाने में मदद करें।
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.इस अवसर पर वासल एजुकेशन के मुख्याध्यक्ष, अध्यक्ष संजीव कुमार वासल, सीईओ राघव वासल एवं निर्देशिका ने सभी कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि इस सम्बन्ध आईवी वर्ल्ड स्कूल ने छात्रों के सर्वांगीण विकास और उनकी अद्वितीय प्रतिभा को निखारने के लिए कई उल्लेखनीय पहल की हैं। प्रबंधन के दृष्टिकोण से विद्यार्थियों को ऐसी तकनीकी सुविधाएँ उपलब्ध कराने का मुख्य उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता को निरंतर बेहतर बनाना है।
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.आधुनिक संसाधनों के माध्यम से स्कूल यह सुनिश्चित करता है कि छात्रों को भविष्य-उन्मुख, कौशल-आधारित और व्यावहारिक शिक्षा मिले। इससे न केवल विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि संस्थान की शैक्षणिक विश्वसनीयता और प्रतिस्पर्धात्मक स्तर भी सुदृढ़ होता है। दीर्घकाल में यह निवेश छात्रों के उज्ज्वल भविष्य और समाज के समग्र विकास में योगदान देता है।







































