PTB News “शिक्षा” : भारत की विरासत एवं ऑटोनॉमस संस्था, कन्या महाविद्यालय, जालंधर के पोस्ट गे्रजुएट डिपार्टमैंट आफ हिंदी के द्वारा अंतरराष्ट्रीय व्याखयानमाला के अंतर्गत विदेश में भारतयी संस्कृति विषय पर वेबीनार का आयोजन करवाया गया। पत्रकारिता, अनुवाद और विशेष तौोर पर काव्य लेखन में अपनी अलग पहचान बना चुकी श्रीमति रचना श्रीवास्तव ने अमेरिका के इस आयोजन में स्त्रोत वकता के रुप में शिरकत की। छात्राओं से संबोधित करते हुए स्त्रोत वकता ने कहा कि अपनी संस्कृति को जीवंत रखना और विरासत में अपने बच्चों को सौंपना मनुष्य का परम कर्तव्य है।
उन्होंने कहा कि हम पहले अपने आपसे और फिर अपने घर परिवार से अपनी संस्कृति का सृजन करते हुए इसे चिरंजीवी बना सकते हैं। छात्राओं के साथ अपनी निजी अनुभवों के माध्यम से उन्होंने बताया कि कैसे अपनी भाषा, पहनावे, रस्मों रिवाज और तीज-त्यौहारों को अपने जीवन में संजोकर रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि विदेश में रहने वाले भारतीयों के काहन में उनकी संस्कृति की सौगंध सदा उमड़ती रहती है और यही सुगंध उन्हें भारतीयता का अहसास करवाती है एवं इसी के परिणाम स्वरुप अमेरिका जैसे देश के विभिन्न कालेजों एवं यूनिवर्सिटीओं में हिंदी को एक विषय के रुप पर भी पढ़ाया जा रहा है।
विद्यालय प्रिंसीपल प्रो. अतिमा शर्मा द्विवेदी ने विषय की महत्वपूर्ण जानकारी छात्राओं को प्रदान करने के लिए स्त्रोत वकता के प्रति आभार व्यकत किया और कहा कि ऐसे आयोजनों के द्वारा छात्राओं को बेहद सरल रुप से जीवन के विभिन्न पड़ाव में उनकी संस्कृति के महत्व को समझाया जा सकता है। इसके साथ ही इस सफल आयोजन के लिए उन्होंने हिंदी विभागाध्यक्षा डा. विनोद कालरा एवं प्राध्यापकों के द्वारा किए गए प्रयासों की प्रशंसा की।





































