PTB News शिक्षा : HMV कॉलेजिएट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जालंधर में प्राचार्या प्रो. डॉ. (श्रीमती) अजय सरीन के प्रोत्साहनात्मक दिशा-निर्देशन अधीन कुछ पल महान उपन्यासकार नानक सिंह की याद के साथ विषय पर ज्ञानात्मक व्याख्यान का आयोजन किया गया। समारोह का शुभारंभ ज्ञान की ज्योति प्रज्ज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर आमंत्रित मुख्यातिथि महान सुधी विद्वान श्री कंवलजीत सिंह सूरी, महान उपन्यासकार नानक सिंह जी के सुपुत्र का स्वागत श्रीमती मीनाक्षी स्याल, स्कूल कोआर्डिनेटर, श्रीमती नवरूप, पंजाबी विभागाध्यक्षा एवं श्रीमती कुलजीत कौर द्वारा प्लांटर भेंट कर हार्दिक अभिनंदन किया गया।
प्राचार्या डॉ. अजय सरीन ने मुख्यातिथि स्वरूप उपस्थित श्री कंवलजीत सिंह सूरी का स्वागत करते हुए कहा कि आप जैसी महान विभूतियों के आगमन से हमारी संस्था धन्य हो गई है और उन्होंने छात्राओं द्वारा प्रदर्शित प्रदर्शनी एवं उनके द्वारा आयोजित नाटक की प्रशंसा करते हुए कहा कि हमें हमेशा बुजुर्गों का आदर-सम्मान करना चाहिए एवं उनके अनुभवों से प्रेरणा प्राप्त कर उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमें अपने विचारों एवं सोच से समाज में बदलाव लाकर स्त्री के अस्तित्व को बनाए रखना चाहिए, तभी तो देश एवं समाज उन्नति के पथ पर अग्रसर हो सकता है और वो दिन दूर नहीं जब हम महान क्रांतिकारियों भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव के सपनों के भारत को पुन: स्थापित कर सकेंगे। अंत में उन्होंने कहा कि समाज में बदलाव लाने की जिम्मेदारी आज के युवा वर्ग पर निर्भर करती है।
श्रीमती नवरूप ने छात्राओं को कहा कि आज हमें नानक सिंह की जीवन शैली के अनकहे एवं अनछुए पक्षों के विषय में भरपूर जानकारी होगी एवं उनके जीवन के तुजुर्बों को समझ सकेंगे। उन्होंने छात्राओं द्वारा प्रदर्शित पंजाबी सभ्याचार से संबंधित प्रदर्शनी की प्रशंसा की। मुख्य वक्ता श्री कंवलजीत सिंह सूरी ने नानक सिंह को याद करते हुए उनके जीवन, उनके आदर्शों, संघर्षों एवं उनके द्वारा लिखित रचनाओं का रचनात्मक रूप से ज्ञानवर्धक ज्ञान छात्राओं के साथ सांझा किया।
उन्होंने उनकी साहित्यिक यात्राओं का वर्णन उनके ऐतिहासिक उपन्यासों एवं सामाजिक बुराइयों से संबंधित विषयों पर लिखित उपन्यासों के विषय में जानकारी प्रदान की। अंत में उन्होंने छात्राओं को सादगीपूर्ण जीवन जीने, जरूरतमंदों की सहायता करने एवं माता पिता और बुजुर्गों की सेवा करने के लिए प्रेरित किया और कहा कि उनके आर्शीवाद के बिना हम कुछ भी प्राप्त नहीं कर सकते।
इस अवसर पर छात्राओं ने उनके उपन्यासों में व्याप्त सामाजिक बुराइयों जैसे दहेज प्रथा, नशाखोरी, बेरोजगारी एवं रिश्वतखोरी विषयों को दर्शाते हुए मन को मोह लेने वाले नाटक का मंचन किया। इसके साथ-साथ छात्राओं ने पोस्टरों, फाइलों, लोक गीतों एवं पंजाबी सभ्याचार से संबंधित वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाकर सभी को पंजाबी सभ्याचार से अवगत करवाया। इस मौके पर कु. पलक ने स्वरचित कविता का उच्चारण किया एवं कु. जाह्नवी एवं कु. स्तुति द्वारा नानक सिंह के जीवन पर लेखन शैली पर कविता एवं लेख प्रस्तुत कर समारोह को और भी मनोरंजनात्मक बना दिया।
श्रीमती मीनाक्षी स्याल ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इस प्रकार के व्याख्यान छात्राओं में साहित्यकारों एवं साहित्य के पठन-पाठन के प्रति रुचि उत्पन्न करते हैं और भविष्य में इस प्रकार के व्याख्यान आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि छात्राओं को महान साहित्यकारों को जानने एवं सुनने का सुनहरी अवसर प्राप्त हो सके। मंच का संचालन सुश्री अरविंदर कौर ने किया। इस अवसर पर कॉलेज एवं कॉलेजिएट स्कूल के प्राध्यापकगण भी मौजूद रहे।








































