PTB News शिक्षा : 75 वर्षीय गुलजारा सिंह निवासी रामा मंडी एक रिटायर्ड नौसेना अधिकारी है, इन्हें 6 महीने पहले अध्रंग का अटैक हुआ जिस वजह से इनके शरीर के बाएं हिस्से ने काम करना बंद कर दिया I वह बिस्तर से उठने और चलने फिरने में भी असमर्थ हो गए थे I प्रारंभिक इलाज के बाद उन्होंने डीएवी फिजियोथैरेपी कॉलेज में फिजियोथैरेपी इलाज के लिए न्यूरो डिपार्टमेंट से संपर्क किया
चल फिर ना सकने के कारण उन्हें परिवार पर निर्भर होना पड़ा जिससे उनके आत्मसम्मान और आत्मबल को ठेस पहुंचती थी। रामा मंडी से डीएवी कॉलेज तक हर रोज आना एक मानसिक चैलेंज था, उनके बेटे श्री गुलजारा सिंह को व्हीलचेयर में लाने लगे कॉलेज की न्यूरो टीम ने 3 हफ्ते के भीतर उन्हें खड़ा कर दिया, पांचवी हफ्ते तक गुलजारा सिंह जी स्वयं अपने पैरों से चलकर डिपार्टमेंट में आने लगे। आज गुलजारा सिंह ट्रेडमिल पर तीव्र गति से चल सकते हैं और खेल क्रीड़ा में हिस्सा लेते हैं।
गुलजारा सिंह के बेटे ने बताया कि उनके पिताजी अब पहले की तरह एक्टिव और खुश रहते हैं। गुलजारा सिंह ने न्यूरो फिजियोथैरेपी विभाग की हेड डॉ. मनिका सक्सेना की सरहाना की और उनकी टीम की लगन और प्रोत्साहन की तारीफ भी की, गुलजारा सिंह का अभिनंदन करते हुए डॉक्टर मनिका सक्सेना ने बताया कि अध्रंग के इलाज में निष्ठा, नियमितता, धैर्य शक्ति, इच्छा शक्ति और परिजनों का साथ अत्यंत महत्वपूर्ण है।
एक सैन्य अधिकारी होने के कारण यह सभी कारक गुलजारा सिंह के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के कारण बने। इस मौके पर सब को मुबारक बात देते हुए कॉलेज प्राचार्य डॉ. जितेंद्र शर्मा ने कहा कि डीएवी फिजियोथैरेपी की न्यूरो टीम बहुत ही उत्तम कार्य कर रही है जिसका लाभ अनेक मरीज उठा रहे हैं जैसे कि अध्रंग, रीड के रोगी, मायोपैथी, न्यूरोपैथी और अन्य बीमारी से ग्रस्त मरीज जो चल फिर नही सकते।





































