PTB City न्यूज़ जालंधर : जालंधर वेस्ट से आम आदमी पार्टी के विधायक शीतल अंगुराल को आज उस समय बड़ा झटका लगा। जब जालंधर की जिला एवं सेशन कोर्ट ने शीतल अंगुराल की जमानत रद्द करने के खिलाफ की गई अपील खारिज कर दी है। दरअसल, पिछले दिनों सीजेएम अमित गर्ग ने शीतल अंगुराल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए थे। अपने आदेश में सीजेएम ने लिखा था विधायक शीतल अंगुराल को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया जाए।
विधायक शीतल अंगुराल ने निचली कोर्ट के आदेश को सेशन कोर्ट में चैलेंज किया था, लेकिन सेशन कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए शीतल अंगुराल का याचिका और बेल एप्लिकेशन रद कर दी। अब फिर से शीतल अंगुराल पर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। अब सत्ताधारी दल आम आदमी पार्टी के विधायक शीतल अंगुराल के पास सिर्फ हाईकोर्ट का रास्ता बचा है।
आपको बता दें कि जालंधर के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) अमित कुमार गर्ग की कोर्ट ने वेस्ट हलके से AAP विधायक शीतल अंगुराल के हरविंद्र कौर मिंटी मामले में बार-बार समन भेजने के बावजूद पेश न होने पर सख्त एक्शन लिया था। माननीय अदालत ने विधायक के खिलाफ 10 अगस्त को गैर जमानती वारंट जारी करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर 24 अगस्त को कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए थे।

साथ ही शीतल अंगुराल के सभी जमानती बॉन्ड रद कर उनको जब्त करने के भी आदेश दिए थे। मिंटी ने सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा में टिप्पणी करने पर पुलिस थाना डिवीजन नंबर 6 में शीतल अंगुराल और उसके साथियों पर केस दर्ज करवाया था। जांच के बाद पुलिस ने चालान कोर्ट में दाखिल किया था। शिकायत में मिंटी ने कहा था कि उसके बारे में आपत्तिजनक शब्द कहने के साथ-साथ उसे ब्लैकमेलर भी कहा गया था।
अमित कुमार गर्ग ने अपने आदेश में कहा था कि शीतल अंगुराल द्वारा कोर्ट के आदेश का पालन न करना साफ दर्शाता है कि वह न्यायिक व्यवस्था कौ चैलेंज कर रहे हैं। बार-बार कोर्ट में पेश होने से छूट के लिए आवेदन करना साफ तौर पर रियायत का दुरुपयोग है। हर बार तारीख से अगर शीतल अंगुराल को अदालत से राहत दी जाएगी तो यह समाज के प्रति गलत संदेश पैदा करेगा।
अभी हाल ही में 6 जून को विधायक शीतल अंगुराल के खिलाफ हरविंद्र कौर मिंटी मामले में चार्ज फ्रेम हुए थे। उनके बाद बार-बार वह व्यक्तिगत रूप से पेश होने से राहत मांग रहे थे और कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे। कोर्ट ने 10 अगस्त को दिए अपने आदेश में कहा है कि जो शीतल अंगुराल की पेशी से छूट की एप्लीकेशन रद्द की गई है, उसमें भी कोई सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट नहीं था।






































