PTB News

Latest news
LKC ਵੱਲੋਂ “ਪੇਜ ਟੂ ਸਟੇਜ: LKC ਬੁੱਕ ਰੀਡਿੰਗ ਐਂਡ ਰਿਵਿਊ ਕੰਪੀਟੀਸ਼ਨ 2026” (Page to Stage: LKC Book Reading a... आईवी वर्ल्ड स्कूल में दशहरा उत्सव की धूम, विद्यार्थियों ने दिया संस्कृति, संस्कार , सदाचार और अच्छाई... सेंट सोल्जर डिवाइन पब्लिक स्कूल में मदर्स हैप्पीनेस क्लब के तत्वावधान में दशहरा एवं नवरात्रि समारोह ... एच.एम.वी. की छात्रा ने संस्थान का मान बढ़ाया, इनोसेंट हार्ट्स स्कूल में नन्हे सितारों ने बिखेरी अपनी प्रतिभा की चमक : ‘स्पॉटलाइट’ बना आकर्षण का के... इनोसेंट हार्ट्स स्कूलों में नेकी और सच्चाई की जीत के संदेश के साथ मनाया गया दशहरा, डी.ए.वी. यूनिवर्सिटी में विश्व खाद्य दिवस पर ‘संडे ऑन साइकिल’ का 95वां संस्करण, स्वस्थ जीवन का दिया ... Actor Tiger Shroff फायरिंग केस में बड़ा एक्शन, तीन को किया कोटा से गिरफ्तार Actor Tiger Shroff पर की गई फायरिंग के बाद सामने आई हमलावरों की तस्वीरें, बाइक हुई बरामद Big Breaking : Actor Tiger Shroff पर फायरिंग, कई लोग हुए घायल

पंजाब, Canada भेजने के नाम पर महिला ने मारी 15 लाख रुपए की ठगी, हाईकोर्ट ने सुनाई सजा,

punjab-mohali-immigration-fraud-case-old-woman-convicted-punjab-and-haryana-high-court-bathinda-big-news

.

PTB Big न्यूज़ मोहाली : पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 74 वर्षीय महिला को 24 साल पुराने इमिग्रेशन फ्रॉड मामले में दोषी करार दिया। इतना ही नहीं, कोर्ट ने उम्र और समय को ध्यान में रखते हुए सजा को दो साल से घटाकर एक साल के साधारण कारावास में बदल दिया। यह फैसला न्यायमूर्ति जसजीत सिंह बेदी की अदालत ने सुनाया, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि, “अदालतों को ऐसे अपराधों को शुरुआत में ही समाप्त करने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए और

.

.

अनावश्यक सहानुभूति नहीं दिखानी चाहिए। न्यायमूर्ति बेदी ने कहा, “आजकल विदेश जाने की चाह में लोग अपनी जिंदगी की जमा पूंजी या कर्ज लेकर एजेंटों को पैसे देते हैं, लेकिन कई बार एजेंट या तो पैसे लेकर भाग जाते हैं या फिर यात्रा के दौरान उत्पीड़न और धोखाधड़ी करते हैं। अगर कोई शख्स मुश्किलों के बावजूद विदेश पहुंच भी जाए, तो उसे वापसी की आशंका, वित्तीय दबाव और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है। मामला वर्ष 1999 का है,

.

जब बठिंडा में चरणजीत कौर नाम की महिला और उसके एक सह-आरोपी पर जगजीत सिंह और प्रताप सिंह से जने का 15 लाख रुपए लेकर उन्हें कनाडा भे झांसा देने का आरोप लगा। न तो उन्हें विदेश भेजा गया और न ही पैसे वापस किए गए। 2008 में ट्रायल कोर्ट ने आरोपी को धारा 420 और 120-B IPC के तहत दोषी ठहराते हुए दो साल की सख्त कैद की सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की गई थी। अभियोजन पक्ष ने मामले को “संदेह से परे” साबित किया और

.

.

आरोपी की ओर से कोई ठोस सफाई नहीं दी गई कि शिकायतकर्ता उन्हें झूठा क्यों फंसाना चाहेगा। कोर्ट ने कहा कि जांच में कुछ कमियां जरूर थीं, लेकिन इन खामियों के आधार पर आरोपी को फायदा नहीं दिया जा सकता। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि “केवल उम्रदराज़ होना या मामला पुराना होना इस बात का आधार नहीं हो सकता कि दोषी को प्रोबेशन पर छोड़ा जाए। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के 2010 के फैसले सी. मुनीअप्पन बनाम तमिलनाडु राज्य का हवाला दिया।