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कोरोना का नया वैरिएंट नहीं मचा पाएगा अपना कहर, नए साल की होगी शुभ योगों में भव्य शुरुआत, इसने कहा, जाने पूरी ख़बर,

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PTB Big न्यूज़ ऊना : कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रोन बीएफ.7 भारत में कहर नहीं मचा पाएगा, इसलिए भयभीत होने की जरूरत नहीं है। साल 2023 की शुरुआत अनेक शुभ योगों से हो रही है और ग्रह गोचर की स्थितियां यह दर्शा रही हैं कि साल की शुरुआत भी संपन्नता, उन्नति व खुशहाली के संकेत के साथ हो रही है और स्वास्थ्य मोर्चे से लेकर कई मोर्चों पर देश तेजी से आगे बढ़ेगा।

वेदिक एस्ट्रोलॉजर और एस्ट्रोलॉजी एक विज्ञान रिसर्च पुस्तक के लेखक गुरमीत बेदी के अनुसार साल 2023 के पहले दिन की शुरुआत अश्विनी नक्षत्र में कन्या लग्न और मेष राशि में हो रही है। इस दिन प्रातः शिवयोग, फिर सिद्ध योग तथा तदुप्रांत स्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। साल 2023 की शुरुआत में मकर राशि में शनि, बुध और शुक्र की युति से त्रिग्रही योग रहेगा। यह भी संयोग ही है कि 27 नक्षत्रों में अश्विनी नक्षत्र पहला नक्षत्र है और साल का पहला दिन रविवार है जिसके स्वामी स्वयं सूर्यदेव हैं जो ऊर्जा के प्रतीक हैं।

ग्रहों और नक्षत्रों की ऐसी स्थिति यह बता रही है कि किसी बड़ी महामारी का खतरा भारत में नहीं मंडरा पाएगा। गुरमीत बेदी के अनुसार नए साल की खास बात यह भी रहेगी कि 22 मार्च 2023 से शुरू होने वाले नए विक्रमी संवत् 2080 का आरंभ बुधवार को होने की वजह से आकाशीय मंत्रिमंडल के राजा बुध रहेंगे जबकि भोग विलास व सुख संपत्ति के कारक शुक्र ग्रह मंत्री की भूमिका में होंगे। बुध के राजा होने की वजह से धार्मिक कार्य में लोगों की रुचि बढ़ेगी और स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता भी बढ़ेगी।

लेकिन “पिंगल” नामक संवत्सर होने से महंगाई और बेरोजगारी का मुद्दा जनता को उद्वेलित किए रखेगा। देश के किसी वरिष्ठ राजनेता के स्वास्थ्य में अचानक गिरावट आ सकती है। 22 अप्रैल 2023 से 15 मई 2023 तक चतुग्रही योग बनने और 10 मई से 30 जून तक मंगल व शनि के बीच षडाष्टक योग बनने से विश्व के कुछ देशों में आपसी टकराव बढ़ेगा जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था भी प्रभावित होगी। देव गुरु बृहस्पति के अपनी स्वराशि में होने और लगन पर उनकी दृष्टि पड़ने के कारण दुनिया में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ेगी।

गुरमीत बेदी के अनुसार साल 2023 में 162 सर्वार्थ सिद्धि योग , 143 रवि योग, 33 अमृत सिद्धि योग, 14 पुष्य योग का भी संयोग बनेगा जो इस साल को और भी महत्वपूर्ण बना रहा है। भारत विज्ञान और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ेगा। आईटी सेक्टर में नई क्रांति आएगी। रियल एस्टेट को बूस्ट मिलेगा। कोरोना के नये वैरिएंट ओमिक्रोन बीएफ.7 से किसी भी सूरत में भयभीत होने की जरूरत नहीं है।

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