PTB News “शिक्षा” : भारत की विरासत एवं ऑटोनॉमस संस्था, कन्या महाविद्यालय,जालन्धर में नैश्नल इंस्टीच्यूट ऑफ टैक्नीकल टीचिर्स ट्रेनिंग एण्ड रिसर्च, चंडीगढ़ के द्वारा उन्नत भारत अभियान तहत मनिस्टरी ऑफ एजुकेशन की ओर से फॉरस्टरिंग सोशल रिस्पांस्बिलटी एण्ड कम्युनिटी इंगेकामेंट इन हॉयर एजुकेशन इन इण्डिया विषय पर 22-03-2022 से 26-03-2022 तक शार्ट टर्म कोर्स आयोजित किया गया जिसमें मुख्याथिति के रूप में श्री जसप्रीत सिंह (ए.डी.सी. रूरल, जालंधर) ने शिरकत की।
डा. हेमंत कुमार विनायक (कोर्स-को-ऑरडीनेटर, को-ऑरडीनेटर आर.सी. आई. यू.बी.ए. का असोस्यिेट प्रोफेसर, आर.डी. डी. डिपार्टमेंट, एन. आई. टी.टी.टी.आर., चंडीगढ़) ने बीज व्याख्यान दिया। प्रोग्राम का आगाका गायत्री मंत्र की मधुर ध्वनि में ज्योति प्रज्वलन करते हुआ। विद्यालय प्राचार्या डॉ. अतिमा शर्मा द्विवेदी ने आये हुए अतिथियों का अभिनंदन करते हुए कहा कि हमें अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों से अवगत होकर समाज को अपना अहम योगदान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विद्यालय ने पाँच गावों से अलग-अलग स्कूलों के बच्चों को अपनाया है और उन विद्यार्थियों की उन्नति के लिए लगातार प्रयत्नशील है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विद्यालय की ओर से कई लाइब्रेरियां की स्थापित की जा चुकी है ताकि जरूरतमंद लाभ उठा सकें। उन्नत भारत अभियान तहत ओर कई चल रहे प्रोजेक्टरों की बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह समाज को उन्नति के मार्ग पर ले जाया जा सके। श्री जसप्रीत सिंह (ए.डी.सी. रूरल डिस्ट्रिक, जालंधर) ने संबोधित होते हुए कहा कि सामाजिक जिम्मेदारी अपने आप से ही शुरू होती है।
उन्होंने मानवीय अधिकारों की बात करते हुए कहा कि हम अपने अधिकारों से तो वाकिफ है लेकिन अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक होकर उनका भी पालन नहीं करते। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की सामाजिक जिम्मेदारी आज एक गंबीर विषय है। इसकी ओर सक्रिय भूमिका निभाने की कारूरत है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की मुश्किलों का किाकर करते हुए कहा कि हम हम सभी को ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए जिम्मेदार होना पढ़ेगा ताकि उन्नत भारत के स्वपन को वास्तविक रूप में साकार किया जा सके।
डॉ. हेमत कुमार विनायक जी ने उद्घाटन समारोह में बीज व्याख्यान देते हुए कहा कि अगामी दिनों में यू.जी.सी. दो क्रेडिट कोर्स में सोशल रिस्पांस्बिलटी और क्म्यूनिटी डिपेल्पमेंट शामिल किया जा रहा है जिसके अंतर्गत सामाजिक उन्नति को विषय के रूप में पढ़ाया जाएगा। दूसरे टैकनीकल सेशन में श्री पंथदीप सिंह (सरपंच,छीना, गुरूदासपुर) ने माडल पंचायत विषय पर विचार सांझे करते हुए अपने निजी अनुभवों ग्रामीण विरासत की तस्वीर प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि अगर इंसान के मन में समाज सुधार की लगन हो तो सामाजिक उन्नति ही उनका मंतव्य बन जाता है। उन्होंने अपनी प्रजेंटेशन के जरीए अपने गाँव की तरक्की को बाखूबी प्रस्तुत किया। ग्राम पंचायत के पास बहुत सारी शक्तियां होती हैं जिनके जरीए वह अपने गाँवों का विरासत कर सकते है।
ग्राम पंचायत की जिम्मेदारियों में सेहत सहुलियत शिक्षा सहूलियत, नशा मुक्ति तथा ग्राम रूप समुचा सुधार शामिल है। तीसरे टैकनीकल सैशन में श्रीमती मनिंदर कौर ने वॉटर मैनेजमैंट विषय पर अपने विचार सांझे किए उन्होंने पानी की हो रही बर्बादी के बारे में बताते हुए कहा कि हमें पानी का सही प्रयोग करना चाहिए नहीं तो आने वाली पीढिय़ों को बहुत मुशकिलों का समझना करना पड़ेगा। इसके साथ ही उन्होंने वॉटर मैनेजमेंट के अलग-अलग तरीकों के बारे में भी बताया। मैडम प्रिंसीपल ने इस सफल आयोजन के लिए समूह आयोजक मंडल को मुबारकबाद दी।





































