PTB News “शिक्षा” : वासल एजुकेशनल सोसाइटी के अधीन आई वी वल्र्ड स्कूल में कक्षा 4 से कक्षा 12 के विद्यार्थियों के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम परीक्षा पे चर्चा का सीधा प्रसारण का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने उनके संबोधन को ध्यान से सुना। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने परीक्षा पे चर्चा के तहत छात्रों. अभिभावकों व शिक्षकों से बात की। उन्होंने छात्रों द्वारा पूछे गए सवालों का बड़े ही सहज शब्दों में जवाब दिया। साथ ही पढ़ाई के अलावा खेर्लकूद के लिए भी प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने नई शिक्षा नीति. पर्यावरण. ग्रामीण इलाकों में लड़कियों की शिक्षा पर भी चर्चा की। उन्होंने बच्चों के लिए चलाए गए कोरोना वैक्सीनेशन अभियान की भी बात कही। इस कार्यक्रम में लाखों की संख्या में छात्र. शिक्षक और अभिभावक आनलाइन माध्यम से भी शामिल हुए। पीएम मोदी ने छात्रों को बताया है कि वह परीक्षा के तनाव को कैसे कम करें और उसकी तैयारी किस तरीके से होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि अगर हमें जीवन में कुछ अच्छा करना है जो समाज के विकास का आधार बने । किसी में भी अगर हम गुण देखते हैं तो हम उसे ग्रहण करते हैं । यदि हम औरों की शक्तियों को जानने का सामर्थ्य अपने में विकसित करेंगे तो निश्चित ही हम सफल होंगे।
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती संजीव चौहान जी ने विद्यार्थियों तथा सभी अध्यापकों को जीवन में इन सिद्धांतों को अपनाने को कहा ।उन्होंने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रम हमारी कार्य पद्धति में निखार लाने का कार्य करते हैं। वासल एजुकेशनल सोसायटी के प्रधान के.के.वासल, चेयरमैन श्री संजीव वासल जी, उपाध्यक्ष श्रीमती ईना वासल, सी.ई.ओ राघव वासल तथा निर्देशिका श्रीमती अदिति वासल ने विद्यार्थियों तथा अध्यापकों को इन सिद्धांतों को अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प दोहराया जिससे अध्यापकों तथा विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जा सके।
स्कूल की प्रधानाचार्या श्रीमती एस चौहान ने बताया कि स्कूल का मुख्य उद्देश्य बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है और ऐसी वर्कशाप अध्यापिकाओं को शिक्षा के क्षेत्र में हुए नए अनुसंधानों और नई तकनीकों से परिचित करने में सहायक होती है इसलिए इस वर्कशाप द्वारा अध्यापिकाओं को बहुत लाभ हुआ। पुरानी पद्धतियों की जगह बताई गई आधुनिक शिक्षा पद्धति से अपने पाठ को प्रभावशाली बनाया जा सकेगा और बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बनाने में सहायक होगा





































