PTB News

Latest news
2026 में एलपीयू के 56 फैकल्टी सदस्य दुनिया के टॉप 2% वैज्ञानिकों में शामिल; 23 सदस्य रिसर्च के अलग-अ... सेंट सोल्जर कॉलेज की छात्रा अंशुल ने रोलर स्केटिंग में जीते चार स्वर्ण पदक, एचएमवी की छात्राओं ने बी.बी.ए. सेमेस्टर- II की यूनिवर्सिटी परीक्षाओं में मेरिट स्थान हासिल किए एअर इंडिया ने लिया बड़ा फैसला, इन देशों के लिए सभी उड़ानें की रद्द, कहा-मिलेगा रिफंड झोटा हत्याकांड में केंद्र सरकार ने मारी एंट्री, अमित शाह ने दोहराया अपना संकल्प पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक ओर व्यक्ति का किया सरेआम क*त्ल, मचा हडकंप सुप्रीम कोर्ट ने असली पत्रकारों की पहचान और सुरक्षा को बताया बड़ी चुनौती, किस्से मांगा जवाब OSAP विवाद में आया बड़ा यू-टर्न! Gurinder Bhatti पर धोखाधड़ी का आरोप लगाने वाले ने मांगी माफी, वीडिय... पंजाब : परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड के विरोध में आज पंजाब बंद, हाईवे किए गए जाम, मानसा की SHO पर गिर... जीएनए यूनिवर्सिटी ने बहुविषयक अनुसंधान एवं सतत नवाचार पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया,

जालंधर नगर निगम चुनावों से पहले आप को लगा पहला झटका, कांग्रेस को मिली पहली बढ़त,

पीटीबी न्यूज़ जालंधर : जालंधर नगर निगम की वार्डबंदी को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां कांग्रेस की पहली जीत हुई नजर आ रही है। आज सुनवाई के दौरान पंजाब एंड चंडीगढ़ हाईकोर्ट ने नगर निगम से डिमिलेटेशन प्रक्रिया की सारी रिपोर्ट तलब की है। आज सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने नगर निगम के वकील से सभी दस्तावेज मांगे है। डिलिमिटेशन प्रोसेस से जुड़े सभी रिकार्ड 29 अगस्त को कोर्ट के समक्ष पेश करना होगा।

यह भी पढ़ें : जालंधर में फिर चली गोलियां, परिवार के तीन सदस्य हुए घायल,

आपको बता दें कि कांग्रेस पार्टी ने जालंधर निगम की प्रस्तावित वार्डबंदी को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। यह याचिका हाईकोर्ट के वकील एडवोकेट मेहताब सिंह खैहरा, हरिंदर पाल सिंह ईशर तथा एडवोकेट परमिंदर सिंह विग द्वारा डाली गई है जिसमें पंजाब सरकार और इसके विभिन्न विभागों को प्रतिवादी बनाया गया है। यह याचिका जिला कांग्रेस के प्रधान तथा पूर्व विधायक राजेंद्र बेरी, पूर्व कांग्रेसी पार्षद जगदीश दकोहा तथा पूर्व विधायक प्यारा राम धन्नोवाली के पौत्र अमन द्वारा डाली गई है।

यह भी पढ़ें : हिमाचल प्रदेश की तरफ जाने के लिए लिए बड़ी खबर, भारी बारिश के चलते लिया प्रशासन ने बड़ा फैसला,

याचिका में तर्क दिया गया है कि पंजाब सरकार ने जब डीलिमिटेशन बोर्ड का गठन किया था, उसके सदस्यों को बदला नहीं जा सकता परंतु बोर्ड के सदस्य जगदीश दकोहा तथा अन्य पार्षदों को इस आधार पर हटा दिया गया, क्योंकि जालंधर निगम के पार्षद हाऊस की अवधि खत्म होने के बाद वह पार्षद नहीं रह गए थे।

jalandhar-punjab-high-court-gave-this-order-petition-against-ward-bandi-jalandhar-municipal-corporation

याचिका में कहा है कि 5 एसोसिएट सदस्यों को न तो डिलीमिटेशन बोर्ड की बैठक में बुलाया गया और न ही उन्हें बोर्ड से हटाने हेतु कोई नोटिफिकेशन ही जारी किया गया। सरकार ने अपनी ओर से दो सदस्य बोर्ड में मनोनीत कर दिए जबकि सरकार केवल एक ही सदस्य बोर्ड में अपनी ओर से भेज सकती है। याचिका में कहा गया है कि जब डीलिमिटेशन बोर्ड ही अवैध है तो उस द्वारा तैयार की गई वार्डबंदी अपने आप ही गैरकानूनी हो जाती है।

यह भी पढ़ें : एजीआई फुटसल (फुटबॉल) लीग 24 जुलाई से 28 जुलाई 2023 तक

याचिका में तर्क दिया गया है कि प्रस्तावित वार्डबंदी में गूगल मैप को आधार बनाया गया है जो आम आदमी की समझ से परे है। इसकी बजाए ड्राफ्ट्समैन से वार्डों की सीमाओं का निर्धारण किया जाना चाहिए था परंतु राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते वार्डबंदी का प्रस्तावित ड्राफ्ट तैयार किया गया। पता चला है कि कांग्रेस ने याचिका में स्टे आर्डर की मांग की है।

Latest News