PTB Sad न्यूज़ मोहाली : अनंतनाग में शहीद हुए कर्नल मनप्रीत सिंह का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव भड़ौजियां पहुंच गया है। कर्नल के भाई संदीप सिंह ने बताया कि दोपहर बाद उनका अंंतिम संस्कार किया जाएगा। उने अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हो गई हैं। एसपी डॉक्टर संदीप गर्ग और डीसी आशिका जैन समेत आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। वहीं कर्नल मनप्रीत के मासूम बेटे ने आर्मी की ड्रेस पहनकर अपने पिता को सेल्यूट किया।
शहीद हुए कर्नल मनप्रीत सिंह को जल्द ही गवर्नर बनवारीलाल पुरोहित भी श्रद्धांजलि देने के लिए गांव में पहुंचने वाले हैं। अपने सपूत को आखिरी श्रद्धांजलि देने के लिए पूरा गांव उमड़ पड़ा है। हर आंख नम है। शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह अमर रहे और भारत माता की जय के नारों से पूरा गांव गूंज रहा है। शहीद कर्नल के अंतिम संस्कार की तैयारी पूरी हो चुकी है।
सेना के अधिकारियों ने भी गांव में पहुंचकर श्मशान घाट को जाते रास्ते और श्मशान घाट का दौरा किया। शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए खरड़ की विधायक और मंत्री अनमोल गगन मान के आने की संभावना भी है। आपको यह भी एक थे कर्नल मनप्रीत: जिद, जज्बा और जुनून की मिसाल…! सिख लाइट इन्फेंट्री में भर्ती का किस्सा जानते हैं आप को दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में शहीद हुए भड़ौजियां गांव के सपूत कर्नल मनप्रीत सिंह 12 सिख लाइट इन्फेंट्री में थे।
इस इन्फेंट्री में वे अपनी जिद के कारण ही शामिल हुए थे। कर्नल के भाई संदीप सिंह ने बताया कि सेना में ज्वाइनिंग के वक्त जब उनसे पूछा गया कि वह किस बटालियन से जुड़ेंगे तो उन्होंने कहा था कि वह अपने दादा शीतल सिंह और पिता लखमीर सिंह वाली बटालियन 12 सिख लाइट इन्फेंट्री को ही ज्वाइन करेंगे। मनप्रीत के दादा तीन भाई थे-शीतल सिंह, साधु सिंह और त्रिलोक सिंह। तीनों ने भारतीय सेना में सेवाएं दीं। शीतल सिंह ने भारत-पाक बंटवारे से लेकर सेना से सेवानिवृत्त होने तक तीन युद्धों में हिस्सा लिया।






































