PTB News “शिक्षा” : आईवी वर्ल्ड स्कूल में नशा मुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने हेतु एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में नशे के दुष्प्रभावों को लेकर चेतना जागृत करना था। इस अवसर पर विद्यालय में स्लोगन लेखन एवं पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। छात्रों ने अपने रचनात्मक विचारों के माध्यम से समाज को नशे से दूर रहने का सशक्त संदेश दिया।
. .विद्यालय की प्रातःकालीन सभा में विशेष रूप से इस विषय को शामिल किया गया, जहां छात्रों ने नशे के दुष्परिणामों पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। कुछ छात्रों ने नाटक, कविता एवं भाषण के माध्यम से यह समझाने का प्रयास किया कि किस प्रकार नशा एक व्यक्ति, परिवार एवं समाज के लिए घातक बन सकता है।इस अवसर पर SHO पंजाब पुलिस, रामनमंडी को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक किया और बताया कि सड़क सुरक्षा हमारे जीवन की रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, तेज रफ्तार से बचने और मोबाइल का उपयोग ड्राइविंग के समय न करने जैसे नियमों की महत्ता को रेखांकित किया। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर अपराध के बढ़ते खतरे के प्रति भी सतर्क किया। उन्होंने बताया कि कैसे सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का गलत इस्तेमाल युवाओं को नुकसान पहुँचा सकता है।
.उन्होंने छात्रों को साइबर सुरक्षा के कुछ मूल मंत्र भी बताए, जैसे कि पासवर्ड को सुरक्षित रखना, अंजान लिंक पर क्लिक न करना, और अपनी निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करना। इस अभियान के पीछे सरकार एवं विद्यालय का भी प्रमुख उद्देश्य एक स्वस्थ, जागरूक एवं नशा मुक्त समाज की स्थापना करना है। ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में युवाओं को जागरूक किया जा रहा है, ताकि वे स्वयं जागरूक बनें और दूसरों को भी प्रेरित करें।
.इस प्रेरणादायक आयोजन की सफलता पर विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देते हुए वासल एजुकेशन परिवार के माननीय पदाधिकारियों श्री के.के. वासल जी (अध्यक्ष), श्री संजीव कुमार वासल जी (चेयरमैन), श्रीमती एना वासल जी (उपाध्यक्ष), श्री राघव वासल जी (सीईओ) एवं श्रीमती अदिति वासल जी (निर्देशिका) ने कहा कि यह आयोजन बच्चों में सकारात्मक सोच, स्वस्थ जीवनशैली और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित कर रहा है। विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि यदि आज के विद्यार्थी जागरूक होंगे, तो कल का समाज अवश्य ही नशा मुक्त, सुरक्षित और समृद्ध होगा। यह पहल न केवल शैक्षणिक विकास, बल्कि नैतिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
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