PTB News

Latest news
जालंधर में दिनदिहाड़े फिर चली गोलियां, पुलिस जांच में जुटी Iran-America में समझौते की खबरों से चढ़ी शेयर मार्केट, निवेशकों ने ली राहत की सांस एचएमवी की छात्राओं ने यूनिवर्सिटी में सबसे ज़्यादा एसजीपीए हासिल किए, ਲਾਇਲਪੁਰ ਖ਼ਾਲਸਾ ਕਾਲਜ ਦੇ ਐਮ.ਐਸ.ਸੀ. ਆਈ.ਟੀ. ਸਮੈਸਟਰ ਤੀਜਾ ਦਾ ਨਤੀਜਾ ਰਿਹਾ ਸ਼ਾਨਦਾਰ, अब सरकार ने शुरू की बेसहारा बच्चों के लिए Bal Sangopan Yojana, मिलेंगे 2500 रूपये महीना अमेरिकी हमले में मृत आदित्य के शव का परिवार व गांव वाले कर रहे इंतजार, फूट-फूट कर मीडिया के सामने रो... निशानेबाजी के 'गोल्डन बॉय' जसपाल राणा ने दुनिया को कहा अलविदा, खेल जगत में शोक गोल्डन टेंपल परिसर में बेअदबी की युवक ने की कोशिश, SGPC अध्यक्ष ने लिया संज्ञान पेपर लीक और परीक्षा विवाद पर कॉकरोच पर ने किया बड़े आंदोलन का ऐलान Iran US War, Oman के निकट अमेरिकी मिसाइल हमले में हिमाचल प्रदेश के युवक की हुई मौत, क्षेत्र में शोक ...

कारोबारी अनिल अंबानी की कंपनियों पर ED की बड़ी कार्रवाई, लोन फ्रॉड को लेकर 50 जगहों पर छापेमारी,

eds-big-action-on-businessman-anil-ambanis-companies

PTB Big News मुंबई : ED ने रिलांयस अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की बड़ी जांच शुरू कर दी है. अनिल अंबानी से जुड़ी 48-50 लोकेशन पर ED का सर्च ऑपरेशन चल रहा है. बता दें कि ये कार्रवाई CBI की तरफ से 2 FIR दर्ज करने के बाद की जा रही है.

.

.

.

जांच में सामने आया है कि इन कंपनियों ने बैंकों से लोन लेकर पैसों का गलत इस्तेमाल किया. उन्हें दूसरी कंपनियों में घुमाया और आम लोगों, निवेशकों और सरकारी संस्थाओं के साथ धोखा किया गया. कई बड़ी संस्थाओं ने भी ED के साथ इस जांच में जानकारी शेयर की. इसमें नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB), SBI, नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी (NFRA) और बैंक ऑफ बड़ौदा शामिल हैं.

.

ईडी की शुरुआती जांच में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं. बताया जा रहा है कि साल 2017 से 2019 के बीच Yes Bank से 3000 करोड़ का लोन लिया गया, जिसे बाद में दूसरी कंपनियों में घुमा दिया गया. इतना ही नहीं लोन पास कराने के लिए Yes Bank के अधिकारियों और प्रमोटर्स को रिश्वत देने की बात भी सामने आ रही है.

.

केंद्रीय जांच एजेंसी इस पूरे मामले में आज देशभर में 48-50 जगहों पर रेड कर रही है. ED को जांच में ये भी पता चला है कि Yes Bank ने RAAGA कंपनियों को लोन देते वक्त अपने ही नियमों की धज्जियां उड़ा दीं. लोन से जुड़े सारे जरूरी कागजात बैकडेट में तैयार किए गए. जांच के मुताबिक, बिना क्रेडिट एनालिसिस के ही भारी-भरकम निवेश कर दिया गया. बिना दस्तावेज और बिना सही जांच के लोन पास किए गए. कई कंपनियों के डायरेक्टर्स और एड्रेस एक जैसे हैं. एक ही दिन में लोन एप्लाई और डिसबर्स कर दिए गए. कई बार लोन पास होने से पहले ही पैसे ट्रांसफर कर दिए गए.

.

.