PTB Big न्यूज़ पणजी : गोवा के वागातोर इलाके में रोमियो लेन रेस्टोरेंट पर रविवार को बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई शुरू हो गई। पर्यटन विभाग ने समुद्र किनारे किए गए अवैध एन्क्रोचमेंट को हटाने का आदेश दिया है। यह वही प्रतिष्ठान है, जिसके मालिक उसी बिर्च बाय रोमियो लेन के संचालक भी हैं, जहां 7 दिसंबर को भीषण आग लगी थी और 25 लोगों की जान चली गई थी। घटना के बाद से राज्य सरकार इलाके में अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों की जांच तेज कर चुकी है।
. .पर्यटन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर धीरज वागले ने बताया कि रेस्टोरेंट के बीच वाले हिस्से पर अवैध निर्माण किया गया था। विभाग ने स्पष्ट किया कि कुल 198 वर्ग मीटर क्षेत्र को एन्क्रोचमेंट की श्रेणी में पाया गया। वागले ने कहा कि हम बीच साइड के एन्क्रोचमेंट को ध्वस्त कर रहे हैं। कुल 198 वर्ग मीटर क्षेत्र को हटाया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम उन जगहों पर कार्रवाई का हिस्सा है जहां सुरक्षा मानकों और नियमों की सबसे अधिक अनदेखी पाई गई है।
. .इस मामले में बड़ी सफलता तब मिली जब पांचवें आरोपी भारत को अंजुना पुलिस स्टेशन लाया गया। पुलिस के अनुसार, भारत प्रतिष्ठान की रोज़मर्रा की गतिविधियों का संचालन संभालता था और मालिकों की ओर से सभी ऑपरेशनल जिम्मेदारियां देखता था। आग की रात भी उसके प्रबंधन संबंधी कई फैसलों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि सुरक्षा मानकों का पालन न करने में उसकी भूमिका कितनी थी और घटना से पहले कौन-कौन से नियमों की अनदेखी हुई।
. .अंजुना पुलिस की टीम अब सभी आरोपियों से जुड़े दस्तावेज, लाइसेंस, परमिशन और कर्मचारियों के बयान खंगाल रही है। जांच में फायर सेफ्टी सिस्टम की वास्तविक स्थिति, आपातकालीन निकास की उपलब्धता और रात के समय बढ़ी हुई भीड़ को संभालने की क्षमता को मुख्य आधार बनाया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि घटना केवल लापरवाही का मामला नहीं, बल्कि व्यवस्थित नियम उल्लंघन की ओर इशारा करती है। यही वजह है कि प्रशासन अब जुड़े सभी प्रतिष्ठानों के निर्माण और संचालन की विस्तार से समीक्षा कर रहा है।
. .बिर्च बाय रोमियो लेन में लगी आग ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया था। देर रात लगी इस आग में 25 लोगों की मौत हुई, जिससे रेस्टोरेंट प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हुए। आग की वजह, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और भीड़ नियंत्रण से जुड़े पहलुओं को लेकर जांच जारी है। दोनों प्रतिष्ठानों के मालिक गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा पर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि दोनों जगहों के संचालन में समान पैटर्न पाए गए हैं। अब रोमियो लेन पर हो रही कार्रवाई को उसी जांच का विस्तार माना जा रहा है।










































