PTB Big न्यूज़ जालंधर : 13 साल से न्यूजीलैंड में रह रहे जालंधर के आकाश के पिता की तबीयत खराब हो गई। पिता की तबीयत की सूचना मिलने पर वह 23 अप्रैल को रिटर्न टिकट करवाकर भारत के लिए रवाना हो गया। आकाश के अनुसार उसका वीजा खत्म हो गया था, इसलिए उसका पासपोर्ट रिन्यू नहीं हो पाया था। ऐसे में आकाश ने न्यूजीलैंड सरकार से ट्रैवल डॉक्यूमेंट लिया और फ्लाइट पकड़ ली।
. .आकाश ने बताया कि जब उसका जहाज दिल्ली उतरा, तो इमिग्रेशन अधिकारियों ने कहा कि वह इस दस्तावेज पर भारत में प्रवेश नहीं कर सकता। उसने उन्हें बहुत समझाया कि न्यूजीलैंड में मेरा वीजा खत्म हो चुका है और मैं अब वहां का निवासी नहीं हूं, इसलिए आप मुझे वापस नहीं भेज सकते, लेकिन उन्होंने मेरी एक नहीं सुनी। मुझे जबरन वापस मलेशिया भेज दिया। इसके बाद परिवार ने संत सींचेवाल से बेटे को वापिस लाने के लिए गुहार लगाई।
. .राज्यसभा सांसद और संत बलवीर सिंह सीचेवाल के प्रयासों से आकाश 16 दिन बाद पंजाब लौट आया है। आकाश के अनुसार इमिग्रेशन विभाग का तर्क था कि आकाश ने विदेश में राजनीतिक शरण का केस लिया था, जिसके कारण वापसी में तकनीकी बाधाएं हैं। उन्हें उसी एयरलाइन (मलेशिया एयरलाइंस) से वापस भेज दिया गया। इस दौरान आकाश मलेशिया एयरपोर्ट पर फंस गया। जहां करीब 6 दिन एयरपोर्ट पर और 10 दिन डिटेंशन सेंटर (हिरासत केंद्र) में गुजारे। न तो न्यूजीलैंड उन्हें वापस लेने
. .को तैयार था और न ही भारत आ पा रहा था। इसे लेकर अकाश ने एक वीडियो जारी किया। इसके बाद आकाश के पिता राजेश कुमार ने संत सीचेवाल से संपर्क किया और बेटे की सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई। संत बलवीर सीचेवाल ने भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय को लेटर लिख युवक को पंजाब लाने के लिए कहा। इसके परिणामस्वरूप मलेशिया में आकाश का व्हाइट पासपोर्ट (आपातकालीन यात्रा प्रमाण पत्र) जारी किया गया। 9 मई को आकाश सुरक्षित भारत लौटे और अपने परिवार से मिले। इस दौरान परिवार ने संत सीचेवाल का आभार व्यक्त किया।
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