PTB News “शिक्षा” : नैशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर द्वारा आयोजित 12 दिवसीय समर प्रोग्राम का सफलतापूर्वक समापन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से पूरे देश में कुल 40 विद्यार्थियों में से वासल एजुकेशन के 17 मेधावी विद्यार्थी शामिल थे, इनमें कुछ विद्यार्थी वासल एजुकेशन संचालित आईवी वर्ल्ड स्कूल जालंधर के थे जिनको वैश्विक अनुभव एवं अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning) का उत्कृष्ट अवसर प्राप्त हुआ।
. .कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों ने सहभागिता की और पूरे शैक्षणिक प्रवास के दौरान उनका मार्गदर्शन एवं सहयोग किया। इस अवधि में विद्यार्थियों ने सिंगापुर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों, जिनमें सिंगापुर राष्ट्रीय विश्वविद्यालय (एनयूएस) (NUS), जहाँ उन्होंने विशेष शैक्षणिक सत्रों में भाग लिया, तथा इसके साथ – साथ सिंगापुर प्रबंधन विश्वविद्यालय (सिंगापुर मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी – (SMU) का भी विशेष रूप से भ्रमण किया। यहाँ उन्होंने शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों एवं उद्यमियों से संवाद किया। इन प्रेरणादायी सत्रों ने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, नवाचार, उद्यमिता तथा नेतृत्व से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान की तथा उन्हें विश्वस्तरीय शैक्षणिक वातावरण का प्रत्यक्ष अनुभव कराया।
.कार्यक्रम के समापन चरण में विद्यार्थियों ने टीमों में कार्य करते हुए कैपस्टोन प्रोजेक्ट्स तैयार किए तथा वास्तविक जीवन की चुनौतियों के समाधान प्रस्तुत करते हुए उनका प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण किया। उनकी प्रस्तुतियों में आलोचनात्मक चिंतन, रचनात्मकता, सहयोगात्मक कार्यशैली तथा प्रभावी संप्रेषण कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन देखने को मिला। यह एनयूएस (NUS) समर प्रोग्राम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, समस्या-समाधान क्षमता तथा वैश्विक दृष्टिकोण को सुदृढ़ करने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुआ। इस कार्यक्रम ने उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए आवश्यक ज्ञान, कौशल एवं व्यापक दृष्टि से समृद्ध बनाया।
.इस अवसर पर वासल एजुकेशन के चेयरमैन श्री संजीव कुमार वासल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, रचनात्मकता, सहयोग की भावना तथा सांस्कृतिक समझ का विकास करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वासल एजुकेशन विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय शिक्षण अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है, ताकि वे आत्मविश्वासी, जिम्मेदार एवं भविष्य के लिए पूर्णतः तैयार वैश्विक नागरिक बन सकें।
.वासल एजुकेशन के सीईओ श्री राघव वासल जी ने अपने संदेश में कहा, “आज की शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें वैश्विक परिवेश में आत्मविश्वास के साथ नेतृत्व करने योग्य बनाना है। ऐसे अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम विद्यार्थियों में नवाचार, नेतृत्व, सहयोग और सांस्कृतिक संवेदनशीलता जैसे गुणों का विकास करते हैं। वासल एजुकेशन का निरंतर प्रयास है कि प्रत्येक विद्यार्थी को विश्वस्तरीय शिक्षण अवसर उपलब्ध हों, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करते हुए वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान स्थापित कर सकें।”
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