PTB Big न्यूज़ नई दिल्ली : कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार का गुरुवार को निधन हो गया। हालांकि, अब तक यह जानकारी सामने नहीं आई है कि उनकी मौत की वजह क्या रही। कांग्रेस नेता कुमार साल 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों में दोषी थे। वो उम्रकैद की सजा काट रहे थे। पूर्व सांसद और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सज्जन कुमार का निधन हो गया है। उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल लाया गया था,
.जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। अस्पताल के सूत्रों ने यह जानकारी दी है। फिलहाल, सज्जन कुमार के निधन के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है। सज्जन कुमार एक अनुभवी राजनेता थे और उन्होंने लोकसभा में सांसद के रूप में कार्य किया। वे 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामले में दोषी पाए गए थे। हालांकि, हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय ने दो मामलों में उन्हें बरी कर दिया था।
. .सूत्रों का कहना है कि अस्पताल पहुंचने से पूर्व ही उनका निधन हो गया था, लेकिन इस पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सज्जन कुमार के निधन से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है। उनके निधन के कारणों का पता चलने के बाद ही आगे की जानकारी सामने आ पाएगी। राउज एवेन्यू कोर्ट ने 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को सभी आरोपों से बरी कर दिया है।
.विशेष न्यायाधीश दिग्विनय सिंह ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष सज्जन कुमार की घटना स्थल पर मौजूदगी या उनकी संलिप्तता को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा। यह मामला जनकपुरी थाने में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें दंगों के दौरान गुरुद्वारे पर हमला, आगजनी, लूटपाट, हत्या का प्रयास और अन्य अपराधों के आरोप थे। सज्जन कुमार अन्य दंगा मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे,
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.इसलिए वे इस मामले में बरी होने के बाद भी जेल से बाहर नहीं आ पाए थे। यह मामला 1 नवंबर 1984 की घटना से जुड़ा है, जब जनकपुरी इलाके में एक भीड़ ने सिखों पर हमला किया। शिकायतकर्ता हरविंदर सिंह ने 1985 में रंगनाथ मिश्रा आयोग के समक्ष हलफनामा दाखिल किया था। शिकायतकर्ता के अनुसार सुबह 11 बजे करीब 200-250 लोगों की भीड़ डीटीसी बस से आई, जिसका नेतृत्व सफेद और लाल कारों में सवार लोग कर रहे थे।
.2016 में पीड़ित हरविंदर सिंह का बयान दर्ज हुआ, जिसमें उन्होंने सज्जन कुमार को आरोपी बताया। हरविंदर ने कहा कि सज्जन कुमार उनके पिता के कांग्रेस कार्यकर्ता होने के कारण घर आते थे, इसलिए वे उन्हें पहचानते थे। एसआईटी ने चिकित्सा दस्तावेज, मौत प्रमाणपत्र और फोटो जब्त किए। 2022 में सज्जन कुमार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई, जिसमें दंगा, आगजनी, लूट, हत्या का प्रयास और साजिश के आरोप थे।




































