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सुखबीर बादल व PM मोदी की दिल्ली में मुलाक़ात ने दिया पंजाब की राजनीति में बड़े धमाके का संकेत

delhi sukhbir singh badal and pm modi parliament meeting Sign of big bang in punjab politics

PTB Big Political न्यूज़ चंडीगढ़ : शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। सुखबीर बादल सुबह ही दिल्ली पहुंचे थे और उन्होंने पार्लियामेंट हाउस के अंदर पीएम मोदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं की इस मुलाकात के बाद पंजाब की राजनीति गर्मा गई है। पंजाब विधानसभा चुनाव में अब करीब 4 महीने का समय बचा है।

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ऐसे में इस मुलाकात को राजनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है और चुनाव से पहले अकाली दल व BJP गठबंधन की चर्चा है। SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं। भाजपा पिछले कई महीनों से अकेले चुनाव लड़ने की बात कह रही है और इसकी तैयारी का दावा भी कर चुकी है। 

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ऐसे में सुखबीर बादल और पीएम मोदी की मुलाकात से भाजपा-अकाली दल के पुराने गठबंधन की वापसी की चर्चा फिर शुरू हो गई है। बैठक का एजेंडा सामने नहीं आया है। दोनों दलों के भविष्य के रिश्तों पर नजर है। दशकों पुराना गठबंधन कृषि कानूनों के मुद्दे पर टूटा था, लेकिन अब वे कानून निरस्त हो चुके हैं। भाजपा-अकाली गठबंधन की सबसे बड़ी ताकत दोनों दलों का अलग-अलग वोट बैंक था।

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Delhi Sukhbir Singh Badal and PM Modi Parliament meeting Sign of big bang in Punjab Politics

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अकाली दल की पकड़ ग्रामीण, किसान और पंथक इलाकों में थी, जबकि भाजपा शहरों और शहरी हिंदू मतदाताओं के बीच मजबूत थी। दोनों दलों के साथ आने से गांव और शहर का चुनावी समीकरण बन जाता था। दूसरी बड़ी वजह थी तय सीट शेयरिंग और मजबूत संगठन। लंबे समय तक अकाली दल 94 और भाजपा 23 सीटों पर चुनाव लड़ती रही। दोनों पार्टियां अपने-अपने मजबूत क्षेत्रों में चुनाव लड़ती थीं और कार्यकर्ताओं के स्तर पर भी एक-दूसरे का साथ मिलता था। 

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गठबंधन की वजह से दोनों दलों का वोट बंटने के बजाय एक जगह ट्रांसफर होता था और कई सीटों पर मुकाबला मजबूत बन जाता था। यही समीकरण 2012 में गठबंधन की बड़ी जीत का आधार बना, जब दोनों दलों ने मिलकर 68 सीटें जीतकर सरकार बनाई। लेकिन 2022 में गठबंधन टूटने के बाद दोनों का वोट अलग-अलग बंट गया और दोनों दल दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाए।