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पंजाबी युवक ने पंजाबियों के अक्स को लगाया दाग, 87 के करीब केस हुए दर्ज,

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PTB Big न्यूज़ ऑस्ट्रेलिया : पंजाब से ऑस्ट्रेलिया गए एक पंजाबी ने पंजाबियों के अक्स को उस समय बड़ा दाग लगा गया। जब उसे करोड़ों कि चोरी के आरोप में ऑस्ट्रलिया पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मिली जानकारी के अनुसार विक्टोरिया पुलिस के मुताबिक युवक की उम्र 39 साल है। वह स्टडी वीजा पर स्टूडेंट बनकर भारत से ऑस्ट्रेलिया आया था। जब उसका वीजा खत्म हो गया तो इंडिया लौटने की जगह वह ऑस्ट्रेलिया में ही चोरी-छिपे रहने लगा।

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वह दिन में छुपा रहता और रात को चोरी करने के लिए निकलता था। चोरी का माल समेटने के बाद वह फिर से छिप जाता था। चोरी के लिए वह एक गैंग से भी जुड़ गया ताकि चोरी का माल बेचने में कोई परेशानी न हो। वहीं अगर चोरी करते हुए फंस जाए तो गैंग उसे बचा सके। इस पुरे मामले में ऑस्ट्रेलिया पुलिस ने करीब 30 लोग अरेस्ट हुए हैं। उनसे पूछताछ में पता चला है कि विक्टोरिया पुलिस के मुताबिक उन्हें एक चोर नेटवर्क के एक्टिव होने के बारे में पता चला।

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जो लगातार सामान चोरी कर उन्हें आगे बेच रहा था। उन्हें पकड़ने के लिए ऑपरेशन चलाया गया। जिसमें 30 लोगों को अरेस्ट किया गया। उनसे पूछताछ में पता चला कि यह पूरा नेटवर्क है। जिसमें कई आरोपी जुड़े हुए हैं। यह नेटवर्क सामान चुराने के बाद उसे ब्लैक मार्केट में बेचकर मोटा पैसा कमाते थे। पुलिस एक साल से इस नेटवर्क के पीछे लगी हुई थी। इसी नेटवर्क से पूछताछ के बाद पुलिस ने 18 अप्रैल को मेलबर्न के सनशाइन वेस्ट स्थित एक घर में सुबह छापा मारा।

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इस दौरान चोरी के नेटवर्क में शामिल पंजाबी युवक को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि ये गिरोह का 31वां आरोपी है। इससे पहले कुछ लोगों को जेल भेजा जा चुका है जबकि 10 के खिलाफ कोर्ट में केस चल रहा है। पुलिस ने बताया कि बॉक्स हिल डिविजनल रिस्पांस यूनिट के नेतृत्व में ये आपरेशन चलाया गया। एक साल से इस गिरोह के लोगों को ढूंढा जा रहा था। पुलिस के मुताबिक पंजाबी युवक पिछले 6 महीने से चोरी कर रहा था। वह सुपरमार्ट स्टोर से सामान चुराता।

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फिर रात को उसे घर में रखता। इसके बाद मौका पाकर उसे ब्लैक मार्केट में बेच देता। उसने मेलबर्न, बैलारेट और जीलोंग के कई सुपरमार्केट को निशाना बनाया। पुलिस ने उसकी चोरियों का क्रिमिनल रिकॉर्ड इकट्‌ठा किया। जिसके बाद उस पर चोरी के 68 और चोरी की कोशिश के 19 केस दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने ये भी कहा कि ट्रायल की वजह से युवक का नाम और पता डिसक्लोज नहीं किया जा रहा है। 

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छोटी-छोटी टीमें बनाई, सबका अलग-अलग काम: विक्टोरिया पुलिस ने बताया कि  इस चोर नेटवर्क ने खुद को छोटी-छोटी टीमों में बांट रखा था। कुछ टीमें रेकी करती थीं और कुछ सामान चोरी करने तो कुछ बेचने का काम करती थीं। विक्टोरिया पुलिस के अधिकारी वेन्स ने कहा कि गिरोह के सदस्य सुपरमार्केट या मॉल के बाहर हंगामा करते थे। गार्ड से झगड़ा करते, ध्यान बंटते ही सामान उठा लेते,

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पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य चाकू निकालकर सिक्योरिटी वालों पर हमला करते। जब भीड़ बढ़ जाती और स्टोर कर्मचारियों का ध्यान इधर-उधर होता तो इस नेटवर्क के कुछ मेंबर अंदर से सामान चुरा लेते। इसी पैटर्न पर अधिकतर चोरियां हुई हैं। लगातार हो रही चोरियों और मॉल के बाहर होने वाले झगड़ों को रोकने के लिए पुलिसकर्मी तैनात करने पड़े। विक्टोरिया पुलिस ने बताया कि

गिरोह में शामिल 31 लोगों को अब तक गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गिरोह में अधिकतर लोग भारतीय हैं। इनमें स्टूडेंट और ट्रैवल वीजा पर आने वाले लोग शामिल हैं। ये गिरोह एक साल से इसलिए भी पकड़ में नहीं आ रहा था क्योंकि इसमें ज्यादातर लोग फर्स्ट टाइमर चोर हैं। इनका पुरना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। इनकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस इनका क्रिमिनल रिकॉर्ड तैयार कर रही है।

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