PTB News

Latest news
जालंधर में दिनदिहाड़े फिर चली गोलियां, पुलिस जांच में जुटी Iran-America में समझौते की खबरों से चढ़ी शेयर मार्केट, निवेशकों ने ली राहत की सांस एचएमवी की छात्राओं ने यूनिवर्सिटी में सबसे ज़्यादा एसजीपीए हासिल किए, ਲਾਇਲਪੁਰ ਖ਼ਾਲਸਾ ਕਾਲਜ ਦੇ ਐਮ.ਐਸ.ਸੀ. ਆਈ.ਟੀ. ਸਮੈਸਟਰ ਤੀਜਾ ਦਾ ਨਤੀਜਾ ਰਿਹਾ ਸ਼ਾਨਦਾਰ, अब सरकार ने शुरू की बेसहारा बच्चों के लिए Bal Sangopan Yojana, मिलेंगे 2500 रूपये महीना अमेरिकी हमले में मृत आदित्य के शव का परिवार व गांव वाले कर रहे इंतजार, फूट-फूट कर मीडिया के सामने रो... निशानेबाजी के 'गोल्डन बॉय' जसपाल राणा ने दुनिया को कहा अलविदा, खेल जगत में शोक गोल्डन टेंपल परिसर में बेअदबी की युवक ने की कोशिश, SGPC अध्यक्ष ने लिया संज्ञान पेपर लीक और परीक्षा विवाद पर कॉकरोच पर ने किया बड़े आंदोलन का ऐलान Iran US War, Oman के निकट अमेरिकी मिसाइल हमले में हिमाचल प्रदेश के युवक की हुई मौत, क्षेत्र में शोक ...

पंजाब : महिला नहीं हैं कोई बच्चे पैदा करने वाली मशीन, आखिर किसने और किसको दिया जवाब, जाने मामला,

damdami-taksal-chief-harnam-singh-says-sikhs-should-give-birth-five-children-women-commission-women-are-not-machines

.

.

PTB Big न्यूज़ अमृतसर : दमदमी टकसाल के प्रमुख सेवादार भाई हरनाम सिंह खालसा (Harna, Singh Khalsa) के उस बयान पर बवाल मच गया है, जिसमें उन्होंने प्रत्येक सिख को कम से कम पांच बच्चे पैदा करने को कहा है। पंजाब राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन राज लाली गिल (Raj Lali Gill) ने इस बयान का गंभीर नोटिस लेते हुए दो टूक कहा है

.

.

कि महिला कोई बच्चे पैदा करने वाली मशीन नहीं है जो पांच-पांच बच्चे पैदा करें। खालसा ने कहा है कि प्रत्येक सिख परिवार कम से कम पांच बच्चे पैदा करें, परिवार उनका पालन करने में असमर्थ होगा तो उक्त परिवार एक बच्चा अपने पास रख ले और शेष चार बच्चे उन्हें सौंप दें, वे उनका पालन पोषण करेंगे। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों की संख्या अधिक होने से पारिवारिक मूल्यों को बचाने में सहायता मिलेगी और समाज मजबूत होगा।

.

.

.

बता दें कि दमदमी टकसाल (Damdami Taksal) एक सिख संगठन है। इस संगठन का प्रमुख जरनैल सिंह भिंडरावाले (Jarnail Singh Bhindrawale) भी रह चुका है। तारीख 6 जून 1984 में स्वर्ण मंदिर में ऑपरेशन ब्लू स्टार (Operation Blue Star) के दौरान भिंडरावाले अभियान में मारा गया था। इस अभियान में स्वर्ण मंदिर को भारी नुकसान हुआ। यही कारण था कि बाद में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi Murder) की उन्हीं के अंगरक्षकों द्वारा हत्या कर दी गई थी।

.

.

.