PTB News

Latest news
आईवी वर्ल्ड स्कूल ,जालंधर में 'पृथ्वी दिवस' समारोह का आयोजन, एचएमवी द्वारा सत्र 2026-27 के लिए स्पोर्ट्स ट्रायल की घोषणा, पी सी एम एस कॉलेज फॉर विमेन, जालंधर ने एम एस सी फैशन डिजाइनिंग सेमेस्टर-I के नतीजों में शानदार प्रदर... इनोसेंट हार्ट्स ने उत्साह और पर्यावरण-अनुकूल गतिविधियों के साथ मनाया 'वर्ल्ड अर्थ डे' सेंट सोल्जर ग्रुप की विभिन्न स्कूल शाखाओं ने विश्व पृथ्वी दिवस मनाया, आज है! पहलगाम हमले की पहली बरसी, छावनी बनी कश्मीर घाटी, मंजर याद कर आज भी सिहर उठता है हर देश वासी क... SpiceJet की फ्लाइट में यात्री को आया हार्ट अटैक, हुई मौत, विमान की हुई इमरजेंसी लैंडिंग, मचा हड़कंप हर-हर महादेव की गूंज के साथ शुरू हुई Kedarnath Dham Yatra 2026, खुले केदारनाथ के कपाट, मोबाइल को लेक... जालंधर : जूस बार की आड़ में शराब का किया जा रहा था अवैध कारोबार, तस्कर गिरफ्तार, भक्तों की आस्था से खिलवाड़! मां वैष्णो देवी मंदिर के चढ़ावे में निकली 95% चांदी नकली,

योगाचार्य स्वामी बाबा रामदेव को हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, जाने लोगों को किस बात के लिए कर रहे थे गुमराह,

delhi high court baba ramdev reprimanded Coronavirus

PTB Big न्यूज़ दिल्ली : दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा कि किसी को भी एलोपैथी के खिलाफ गुमराह नहीं किया जाना चाहिए। इसके साथ ही अदालत ने योग गुरु रामदेव से कहा कि वह अनुयायी रखने के लिए स्वतंत्र हैं लेकिन उन्हें ‘तथ्यों से इतर’ कुछ भी बोलकर जनता को गुमराह नहीं करना चाहिए।

Covid-19 के इलाज के लिए पतंजलि कंपनी द्वारा विकसित कोरोनिल के संबंध में कथित रूप से गलत सूचनाएं फैलाने को लेकर डॉक्टरों के विभिन्न संगठनों द्वारा योग गुरु के खिलाफ दायर मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति अनूप जयराम भम्भानी ने कहा कि उनकी चिंता भी प्राचीन औषधि विज्ञान आयुर्वेद के सम्मान को बचाए रखने की है।

न्यायमूर्ति ने कहा कि शुरूआत से ही मेरी सिर्फ एक ही चिंता है। आप अनुयायी रखने को स्वतंत्र हैं। आप अपने शिष्य रखने को भी स्वतंत्र हैं। आप ऐसे लोगों को भी साथ रखने को स्वतंत्र हैं, जो आपकी सभी बातें सुनें। लेकिन, कृपया तथ्यों से इतर बातें कर सामान्य जनता को भ्रमित ना करें।”

गौरतलब है कि पिछले साल विभिन्न संगठनों ने उच्च न्यायालय में मुकदमा दायर करके रामदेव पर आरोप लगाया था कि वह जनता को गुमराह कर रहे हैं कि कोरोना वायरस संक्रमण से होने वाली ज्यादातर मौतों के लिए एलोपैथी जिम्मेदार है और दावा कर रहे हैं कि कोरोनिल से कोविड-19 का इलाज किया जा सकता है।

डॉक्टरों के संगठनों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अखिल सिबल ने अदालत को बताया कि हाल ही में रामदेव ने सार्वजनिक भाषणों में कहा है कि कोरोनिल से कोविड-19 का इलाज किया जा सकता है और उन्होंने कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ टीके को प्रभावहीन बताया।

सिबल ने कहा कि कोरोनिल को दिए गए लाइसेंस में ‘कोविड-19 का कोई जिक्र नहीं है” और इसमें सिर्फ रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और आयुर्वेदिक सामग्री होने की बात है। अदालत को बताया गया कि रामदेव के कुछ बयानों में यह संदर्भ भी दिया गया कि एक विदेशी राष्ट्र के नेता टीका लगवाने के बावजूद कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए।

Latest News

Latest News