PTB Big न्यूज़ जालंधर (एडिटर-इन-चीफ) राणा हिमाचल : जिला जालंधर में आये दिन किसी ना किसी ट्रैवल एजेंट / इम्मिग्रेशन्स कंसल्टेंसी चलाने वाले कम्पनी के मालिक के ऊपर लोगों के साथ धोखाधड़ी करने के इल्जाम आज से ही नहीं बल्कि कई सालों से लगते आ रहे हैं ऐसे में जिला प्रशासन ने जालंधर जिले से संबंधित सभी ट्रैवल एजेंसियों के मालिकों को दिशा-निर्देश जारी किये थे, जिनको ज्यादातर ने फॉलो ही नहीं किया और नियमों की धज्जियां लगातार उड़ाने में लगे रहे /
जिसका खामियाजा भोली भाली जनता को आज तक भुगतना पड़ रहा है और जिला पुलिस व जिला प्रशासन के दरबार में रोजाना ट्रैवल एजेंसियों के कई मालिकों के खिलाफ पीड़ित लोग शिकायत दर्ज करवाने पहुंच रहे हैं और बिना रिकॉड के ना तो पुलिस कुछ कर पा रही है और ना ही जिला प्रशासन, ऐसे में पीड़ित पक्षों को जल्द से जल्द इंजाफ मिले इसके लिए जिला प्रशासन ने कुछ नए दिशा निर्देश जारी किये थे,
जिसके लिए जिला प्रशासन ने महीने के अंतिम दिन तक की मंथली रिपोर्ट बनाकर जिला प्रशासन कार्यालय में जमा करवाने को कहा था, लेकिन हुआ इसके उल्ट जिले के ज्यादातर इमीग्रेशन एजेंट ना तो जिला प्रशासन के दरबार पहुंचे और ना ही मंथली रिपोर्ट जमा करवाई, जिससे यह पता चल सकता था कि जिन लोगों को लाइसेंस मिले हैं क्या वह वाकई में सही तरिके से काम कर रहे हैं या फिर लाइसेंस की आड़ गलत तरिके से लोगों को विदेश भेजकर मोटी ठगी मार रहे हैं /
इसका एक उदाहरण उस समय सामने आया था जब जिला कमिश्नरेट पुलिस ने एक ट्रैवल एजेंसी में अचानक दबिश देकर उक्त ट्रैवल एजेंसी के मालिक से करीब 522 पासपोर्ट जब्त किये थे और कई ऐसे ट्रैवल एजेंट है जिन पर कार्रवाई हो अभी तक पुलिस कर भी चुकी है और लगातार टीमें बनाकर इन पर निगाह भी रखी जा रही है / एक पुलिस अधिकारी के अनुसार पुलिस ने हमेशा से ही लोगों से अपील है कि जो लोग ट्रैवल एजेंटों को पैसे देते हैं वह पहले उनकी जांच पड़ताल कर लें, ताकि वह ठगी का शिकार होने से बच जाए /
वहीं मिली जानकारी के अनुसार जिला जालंधर में अभी तक करीब 14 से अधिक ट्रैवल एजेंट ऐसे है जिनकी जांच दिशा निर्देशों के अनुसार नियमित होती रहती है और उनकी मंथली रिपोर्ट भी उनके ऑफिस में पहुंच रही है और जिनकी रिपोर्ट में नहीं होती उनको शो कॉज नोटिस भेजा जाता है / मिली जानकारी के अनुसार अभी तक 1320 के करीब ऐसे ट्रैवल एजेंट हैं, जिनकी रिपोर्ट जिला प्रशासन के संबंधित कार्यालय में नहीं पहुंची है और अब उन्हें शो कॉज नोटिस भेजे जा चुके हैं और अगर उसका जवाब समय रहते नहीं मिला तो उनके खिलाफ आगे की करवाई की जा सकती है
यही नहीं उनका लाइसेंस भी सस्पेंड किया जा सकता है / वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बहुत से ऐसे ट्रैवल एजेंट भी हैं जो इमीग्रेशन कंपनी का लाइसेंस लेकर बड़े -बड़े ऑफिस खोलकर बैठे तो हैं लेकिन उसकी आड़ में (डोंकी) जैसे काम कर रहे हैं जिसे आसान शब्दों में मानव तस्करी भी कहा जाता है / अगर ऐसे ट्रैवल एजेंसी वाले अपना मंथली रिपोर्ट देते हैं या नहीं दोनों ही सूरतों में अगर जिला प्रशासन रिपोर्ट की सही से जाँच करेगा तो उनका भांडा फुट सकता है / अब देखना यह होगा कि आम जनता का म्हणत का पैसा चूसने वाले ऐसे इमीग्रेशन एजेंट कब तक जिला प्रशासन की आंख के नीचे से बच पाते हैं /








































