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पंजाब में ब्यास नदी का जल स्तर बढ़ने से किसान हुए चिंतित,

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PTB Big न्यूज़ फगवाड़ा : राज्य सभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने शनिवार दोपहर पंजाब में मंड क्षेत्र का दौरा किया, जहां ब्यास नदी का पानी अग्रिम तटबंध तक पहुंचने से क्षेत्र के किसानों की चिंतायें बढ़ गयी हैं। संत सीचेवाल ने सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता को निर्देश दिये कि वह किसानों के साथ समन्वय बनाये रखें और जहां भी तटबंध कमज़ोर दिखाई दे, वहां मिट्टी से भरे रेत के बोरे तैयार रखें।

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संत सीचेवाल ने किसानों को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें सैनिकों की तरह सतर्क रहना चाहिए। बाहरी मदद का इंतज़ार किए बिना, उन्हें तटबंध को मज़बूत करने के लिए सभी ज़रूरी तैयारियां करनी चाहिए। उन्होंने मंड क्षेत्र में खेती करने वाले किसानों को योद्धा बताते हुए कहा कि ब्यास नदी और काली बेईं के बीच खेती अपने आप में एक बड़ी चुनौती है। मंड में खेती करना बेहद जोखिम भरा है,

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क्योंकि कोई नहीं जानता कि नदी कब अपना रास्ता बदल दे और उनकी ज़मीन और फ़सलों को बहा ले जाये। किसानों का हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने उन्हें भरोसा दिलाया कि संकट की हर घड़ी में वे उनके साथ खड़े रहेंगे। मौके पर मौजूद किसानों ने बताया कि ब्यास नदी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि ढिलवां पुल के पास इस समय 80,000 क्यूसेक पानी बह रहा है।

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उनके अनुसार, अगर यह प्रवाह 1,00,000 क्यूसेक से ज़्यादा हुआ, तो अग्रिम तटबंध के संवेदनशील हिस्सों में दरार पड़ने का ख़तरा बढ़ जायेगा। उल्लेखनीय है कि ब्यास नदी के अंदर स्थित अग्रिम तटबंध कई स्थानों पर असुरक्षित बताया जा रहा है। 2023 में इस तटबंध के टूटने से धान की फसल को भारी नुकसान हो सकता है। इस क्षेत्र में हर साल लगभग 25,000 से 30,000 एकड़ में धान की खेती होती है।

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