PTB News

Latest news
जालंधर! खुफिया जानकारियों को पाकिस्तान भेजने वाले 3 युवकों को किया पुलिस ने गिरफ्तार जालंधर! दोस्त ने किया दोस्त का बेरहमी के साथ म'र्ड'र फिर किया गड्ढे में दफन पंजाब से दुःखद ख़बर, ASI ने सर्विस पिस्टल से की आ'त्मह'त्या, मचा हड़कंप बुरे फंसे! आप मंत्री संजीव अरोड़ा, ₹55.57 करोड़ की संपत्ति होगी कुर्क, किन शहरों की, जाने पूरी लिस्ट पंजाब से गए निहंगों ने कुल्हाल बॉर्डर पर तोड़ी बैरिकेडिंग, लहराई नंगी तलवारें, बातचीत के बाद लौटे पां... राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर ट्रस्ट ने दर्ज कराई FIR, CCTV में आए थे नजर भगवंत मान ने बार-बार बेअदबी वाले वीडियो पर बयान बदलकर खुद को नुकसान पहुंचा रहे: सरदार बिक्रम सिंह मज... पासपोर्ट बनवाना हुआ अब महंगा, केंद्र सरकार ने बढ़ाई फीस, जानें कब से लागू होंगी नई दरें केंद्र के नए रोजगार अधिनियम पर भड़के हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध ... CM ने नेरी कलां में 90.66 करोड़ रुपये की 12 विकास परियोजनाओं के किए उद्घाटन एवं शिलान्यास

पूर्व कैबिनेट मंत्री अवतार हैनरी ने कहा शहीद हुए किसानों के परिवार को 10-10 लाख रु और एक सरकारी नौकरी मुहैया करवाए मोदी सरकार,

Former cabinet minister Avtar Henry said that the Modi government should provide Rs 10 lakh each and a government job to the families of the martyred farmers Jalandhar

PTB Big Political न्यूज़ जालंधर : देश के प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी द्वारा तीनों कृषि बिल रद्द करने पर पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री व् प्रदेश कांग्रेस के उप प्रधान अवतार हैनरी ने एक प्रेस नोट जारी करते हुए कहा की करीब एक साल तक किसानों ने तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ सड़कों पर आंदोलन किया और किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच कई चरणों की बात हुई थी लेकिन सरकार क़ानून वापस लेने को तैयार नहीं थी।

उन्होंने कहा की तीनों कृषि कानून शुरू से ही अंसवैधानिक रहे है और अगर मोदी सरकार जिद न करती तो आज 700 से अधिक किसान शहीद न होते। हैनरी ने कहा शहीद हुए किसानों की शहादत सदा अमर रहेगी और हमारी आने वाली पीढ़ीया भी यह याद रखेंगी की किस तरह देश के किसानों ने अपनी जान की बाज़ी लगाकर किसानों और किसानी को बचाया। हैनरी ने कहा पंजाब और उत्तर प्रदेश में बीजेपी की पतली हालत को देखते हुए मोदी के पास और कोई विकल्प नहीं था

क्यूंकि इन्ही राज्यों में खासकर भाजपा के खिलाफ किसानों में नाराजगी किसी से छिपी नहीं थी। कई जगह तो भाजपा के नेताओं की एंट्री भी बंद हो गयी थी। ऐसे में कृषि कानूनों को वापिस लेने के का फेंसला सिर्फ किसान वर्ग की वोटें हासिल करना है। अंत हैनरी ने मोदी सरकार से मांग की है कि जो किसान बागवानों के हित में आंदोलन करते हुए शहीद हुए हैं उन्हें केंद्र सरकार 10-10 लाख रु मुआवजा दे और उनके परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मुहैया करवाई जाए।