PTB News

Latest news
निहंग बाणे में आए शख्स ने सुखबीर सिंह बादल पर किया जानलेवा हमला, सुरक्षाकर्मी भी घायल पंजाब के मंत्री के करीबी 3 दोस्तों की हुई सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौ/त ਲਾਇਲਪੁਰ ਖ਼ਾਲਸਾ ਕਾਲਜ ਵਿਖੇ ਧੂਮ-ਧਾਮ ਨਾਲ ਮਨਾਇਆ ਗਿਆ ਧੀਆਂ ਨੂੰ ਸਮਰਪਿਤ ਤੀਆਂ ਦਾ ਤਿਉਹਾਰ, जीएनए यूनिवर्सिटी ने पीजी ओरिएंटेशन 2026 का आयोजन किया; लाहौरी ज़ीरा के संस्थापक ने छात्रों को बड़ा ... एचएमवी में महिला सशक्तिकरण की भावना के साथ ‘तियां धियां नाल’ उत्सव का आयोजन किया गया, प्रेम चंद मारकंडा एसडी कॉलेज फॉर वूमेन में हिंदी साहित्य धारा की ओर से बीए तथा बीएड के विद्यार्थियों... सेंट सोल्जर कॉलेज ऑफ एजुकेशन, जालंधर के विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय के परिणामों में शानदार प्रदर्... इनोसेंट हार्ट्स कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन ने मनाया एंटी-रैगिंग सप्ताह, एम्स बिलासपुर के विस्तार के लिए पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी प्रदेश सरकारः मुख्यमंत्री जालंधर में हुआ डबल मर्डर, बेटे ने ही कर दिया पिता और पत्नी का बेरहमीं से कत्ल, इलाके में दहशत का माह...

हाईकोर्ट ने DGP पंजाब सहित 4 वरिष्ठ अधिकारियों पर लगाया लाखों का जुर्माना, जानें पूरा मामला,

high-court-imposed-fine-of-rs-2-lakh-on-four-senior-officials-including-the-punjab-dgp-find-out-in-which-case-the-order-was-passed

.

.

PTB Big न्यूज़ चंडीगढ़ : पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने राज्य में मॉडिफाइड वाहनों पर रोक संबंधी अपने आदेशों का पालन न होने पर पंजाब सरकार के चार शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने पंजाब के डीजीपी गौरव यादव सहित चार वरिष्ठ अधिकारियों पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह राशि अधिकारियों के निजी वेतन से काटकर पंजाब मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराई जाएगी।

.

.

अदालत की ओर से जिन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है, उनमें डीजीपी गौरव यादव, परिवहन सचिव प्रदीप कुमार (आईएएस), राज्य परिवहन आयुक्त मनीष कुमार (आईएएस) और संगरूर के उपायुक्त जितेंद्र जोरवाल (आईएएस) शामिल हैं। अदालत ने कहा कि यह दंड पहले लगाए गए 1 लाख रुपये के जुर्माने से अलग होगा। न्यायालय ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि इन अधिकारियों का आचरण अदालत के निर्देशों की जानबूझकर अवहेलना को दर्शाता है।

.

.

निर्देश में कहा गया है कि चारों अधिकारियों के वेतन से 50,000 रुपये प्रत्येक की राशि काटकर कुल 2 लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराई जाए। साथ ही, पहले लगाए गए 1 लाख रुपये का भुगतान भी शीघ्र किया जाए और उसके अनुपालन का शपथपत्र अदालत में प्रस्तुत किया जाए।मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर को होगी, जिसमें अदालत यह देखेगी कि उसके आदेशों का पालन ठीक से किया गया है या नहीं।

.

.