PTB News

Latest news
Actor Tiger Shroff पर की गई फायरिंग के बाद सामने आई हमलावरों की तस्वीरें, बाइक हुई बरामद Big Breaking : Actor Tiger Shroff पर फायरिंग, कई लोग हुए घायल 2026 में एलपीयू के 56 फैकल्टी सदस्य दुनिया के टॉप 2% वैज्ञानिकों में शामिल; 23 सदस्य रिसर्च के अलग-अ... सेंट सोल्जर कॉलेज की छात्रा अंशुल ने रोलर स्केटिंग में जीते चार स्वर्ण पदक, एचएमवी की छात्राओं ने बी.बी.ए. सेमेस्टर- II की यूनिवर्सिटी परीक्षाओं में मेरिट स्थान हासिल किए एअर इंडिया ने लिया बड़ा फैसला, इन देशों के लिए सभी उड़ानें की रद्द, कहा-मिलेगा रिफंड झोटा हत्याकांड में केंद्र सरकार ने मारी एंट्री, अमित शाह ने दोहराया अपना संकल्प पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक ओर व्यक्ति का किया सरेआम क*त्ल, मचा हडकंप सुप्रीम कोर्ट ने असली पत्रकारों की पहचान और सुरक्षा को बताया बड़ी चुनौती, किस्से मांगा जवाब OSAP विवाद में आया बड़ा यू-टर्न! Gurinder Bhatti पर धोखाधड़ी का आरोप लगाने वाले ने मांगी माफी, वीडिय...

इनोसेंट हार्ट्स ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस ने रिसर्च और अकादमिक लेखन पर की वर्कशॉप आयोजित,

innocent-hearts-group-of-institutions-organized-workshop-on-research-academic-writing

.

PTB News “शिक्षा” : इनोसेंट हार्ट्स ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस के रिसर्च एवं डेवलपमेंट सेॅल ने छात्रों के लिए “शोध और अकादमिक लेखन की कला और विज्ञान” पर एक विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया। इस वर्कशॉप का उद्देश्य छात्रों को शोध और समीक्षा पत्र लिखने के कौशल से परिचित कराना और उनके शैक्षणिक लेखन की क्षमता को निखारना था।

.

.

इस वर्कशॉप में कुल 45 छात्रों ने भाग लिया, जिनमें से 39 छात्र स्कूल ऑफ़ मेडिकल साइंसेज से और 6 छात्र स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट से थे। इस वर्कशॉप का संचालन डॉ. स्वाति अरोड़ा (पीएच.डी.इन बायोइन्फॉर्मेटिक्स, को-फाउंडर एंड को-डायरेक्टर ऑफ़ थाइम फाइटो बायोमेड प्रा. लि.) और एक रिसर्च स्कॉलर द्वारा किया गया। सत्र में समीक्षा और शोध पत्रों के बीच का अंतर, शोध पत्र की संरचना और प्रकाशन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से चर्चा की गई।

.

.

छात्रों को बताया गया कि समीक्षा पत्र पहले से मौजूद शोधों का विश्लेषण करता है, जबकि शोध पत्र नए निष्कर्ष प्रस्तुत करता है। डॉ. अरोड़ा ने शोध पत्र के प्रमुख खंडों जैसे सारांश, भूमिका, कार्यप्रणाली, परिणाम, चर्चा, निष्कर्ष और संदर्भ पर विशेष जानकारी दी। इसके साथ ही, जर्नल चयन, सहकर्मी समीक्षा (पीयर रिव्यू), संशोधन और प्रकाशन की प्रक्रिया को भी समझाया।

.

.

उन्होंने नैतिक शोध प्रथाओं के महत्व पर ज़ोर दिया, प्लैगियारिज़्म से बचने और अकादमिक कार्य की दृश्यता बढ़ाने के लिए स्कोपस, पबमेड तथा वेब ऑफ़ साइंस जैसे प्रतिष्ठित इंडेक्सिंग डेटाबेस का उपयोग करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। इस वर्कशाप ने छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान और सही दिशा-निर्देश प्रदान किए, जिससे वे भविष्य में शोध लेखन और प्रकाशन की प्रक्रिया को बेहतर तरीके से समझ सकें। यह पहल न केवल उनके अकादमिक विकास को मज़बूत करेगी, बल्कि उन्हें शोध और व्यावसायिक क्षेत्रों में नए अवसरों के लिए भी तैयार करेगी।

.

.