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नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने संभाला पद, रविवार को ही बुला ली सभी अधिकारियों की बैठक

pralhad joshi took charge as new education minister and convened meeting delhi

PTB Big न्यूज़ नई दिल्ली : नीट छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 36 दिनों के लंबे आंदोलन के बाद शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से खाली हुए शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी अब प्रह्लाद जोशी को सौंपी गई है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने रविवार को विधिवत रूप से नए शिक्षा मंत्री का कार्यभार संभाल लिया है। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक संक्षिप्त बैठक कर कामकाज का जायजा लिया।

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बता दें कि शिक्षा मंत्रालय के साथ-साथ प्रह्लाद जोशी के पास उनके पहले से मौजूद नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय का जिम्मा भी यथावत बना रहेगा। प्रह्लाद जोशी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बेहद अनुभवी और कद्दावर नेताओं में गिने जाते हैं। संसद की कार्यवाही के दौरान उनकी सक्रियता और रणनीति हमेशा चर्चा में रहती है। वह लंबे समय तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे हैं,

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जिसके चलते संगठन के भीतर उनकी बेहद मजबूत पकड़ मानी जाती है। जोशी ने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत कर्नाटक के धारवाड़ जिले से की थी। जमीनी स्तर पर पार्टी के लिए किए गए उनके काम का इनाम उन्हें साल 2004 के आम चुनाव में लोकसभा टिकट के रूप में मिला था। साल 2004 में पहली बार धारवाड़ सीट से जीत दर्ज कर संसद पहुंचे प्रह्लाद जोशी ने इसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने लगातार पांच लोकसभा चुनावों में शानदार जीत हासिल की है।

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पिछले 22 सालों से लगातार लोकसभा सांसद रहने के कारण उनकी गिनती कर्नाटक के सबसे लोकप्रिय और प्रभावशाली नेताओं में होती है। पार्टी के भीतर और बाहर उनके इस लंबे राजनीतिक सफर को देखते हुए ही केंद्र सरकार ने मौजूदा परिस्थितियों में उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि शिक्षा मंत्रालय का यह अहम जिम्मा प्रह्लाद जोशी के कंधों पर काफी सोच-समझकर डाला गया है,

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क्योंकि उनके पास संगठन और सरकार दोनों में काम करने का विशाल अनुभव है। वह साल 2012 में कर्नाटक बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। साल 2014 के बाद उन्होंने लोकसभा की कई महत्वपूर्ण संसदीय समितियों के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। वहीं, 2019 में मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के दौरान उन्होंने संसदीय कार्य, कोयला और खनन जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी को भी सफलतापूर्वक संभाला था।

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