किस अधिकारी की वजह से जोशी अस्पताल के प्रबंधकों के खिलाफ लेट दर्ज हुई FIR,
PTB Big न्यूज़ जालंधर (एडिटर-इन-चीफ) राणा हिमाचल : आखिर जालंधर सेंट्रल हल्के के विधायक रमन अरोड़ा की मेहनत रंग लाई, जालंधर के प्रसिद्ध जोशी अस्पताल द्वारा दूसरों की जान जोखिम में डालने के मामले में FIR स्थानीय थाना नंबर दो में दर्ज कर ली गई है, जिसका सारा क्रेडिट विधायक रमन अरोड़ा को ही जाता है, जिन्होंने लगातार इस मामले को दबने से बचाने के लिए कभी निगम कमिश्नर ऑफिस तो कभी पुलिस कमिश्नर ऑफिस में कई बैठकें की, यही नहीं चड़ीगढ़ तक भी इस मामले को पहुंचाया ताकि आरोपियों को बचाने वाले अधिकारीयों व उनके खिलाफ पीठ पीछे बातें करने वालों के मुँह बंद किये जा सकें /
आपको बता दें कि नगर निगम के कुछ अधिकारीयों की मिलीभगत की वजह से बिना पड़ोसियों की अनुमति लिए फर्जी NOC बना कर अवैज्ञानिक तरीके से खुदाई की गई थी जिसके कारण लोगों के घरों का तो नुकसान हुआ ही वहीं लोगों की जान पर भी बन आई और आज इसी मामले में जोशी अस्पताल के प्रबंधकों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है / थाना डिवीजन नंबर दो में जोशी अस्पताल के प्रबंधकों जिनमें नीलम जोशी पत्नी मुकेश जोशी, अनुज जोशी पुत्र मुकेश जोशी, मुकेश जोशी पुत्र तिलक राज निवासी जोशी अस्पताल कपूरथला चौक को नामजद किया गया है /
नगर निगम की शिकायत पर सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 427 के तहत दूसरों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज हुआ है / इसके साथ ही धारा 447 ट्रेसपासिंग भी जोड़ी गई है। माइंस एंड मिनरल अधिनियम की धारा 21 भी गैर कानूनी तरीके से खुदाई करने के लिए लगाई गई है, हालांकि जिन भी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, वह संज्ञान के दायरे में नहीं आती हैं / इनमें गिरफ्तारी तो है,
लेकिन जमानत सीधे थाने से भी मुचलके पर मिल सकती है / इन धाराओं के तहत वैसे भी ज्यादा से ज्यादा तीन साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है / कोर्ट सजा या जुर्माने में से कुछ भी कर सकती है / यदि कोर्ट को लगता है कि मामला गंभीर है तो सजा और जुर्माना दोनों हो सकते हैं, लेकिन ख़ुशी की बात तो यह है कि जिस अधिकारी ने जोशी अस्पताल के प्रबंधकों को अवैज्ञानिक तरीके से निर्माण करने के बाद भी बचाने की कोशिश की थी उसके खिलाफ भी अब जल्द ही विधायक रमन अरोड़ा जल्द करवाई कर सकते हैं और उसकी उच्च अधिकारीयों को शिकायत भी की जा सकती है यह बात सूत्रों के हवाले से पता चली है /
इस सारे ममाले का खुलासा हम अपने अगले पार्ट में करेंगे / लेकिन आपको बता दें कि यह मामला जालंधर से लेकर दिल्ली तक उस समय पहुंचा जब जोशी अस्पताल के प्रबंधक कपूरथला चौक पर अस्पताल के साथ लगते एक लंबे चौड़े प्लॉट पर अस्पताल का नया भवन बना रहे थे / भवन के लिए उन्होंने बेसमेंट बनाने के इरादे से खुदाई अवैज्ञानिक तरीके से इतनी गहरी कर दी कि साथ लगते करीब 6-7 मकानों में दरारें आ गईं / मकानों की नींव नीचे बैठ गईं कि दहशत के मारे लोग घरों से बाहर आ गए / जब शहर में शोर मचा तो सेंट्रल हल्के के विधायक रमन अरोड़ा भी मौके पर पहुंच गए थे और मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की करवाई शुरू कर दी /
उन्होंने लोगों की समस्या को सुना और तुरंत नगर निगम की टीम को कार्रवाई के आदेश दिए। इसके बाद अगले दिन उन्होंने नगर निगम के कनिश्नर से मुद्दे को लेकर बैठक भी की। नगर निगम ने इस सारे मामले की जांच आगे बिल्डिंग विभाग को सौंप दी। निगम ने जो जांच रिपोर्ट बनाई उसमें जोशी अस्पताल के प्रबंधकों द्वारा किये जा रहे निर्माण को गलत पाया लेकिन FIR जब दर्ज करने की रिपोर्ट सामने आई वह हैरान करने वाली थी, लेकिन विधायक रमन अरोड़ा ने हार नहीं मानी और आज उनकी मेहनत का ही नतीजा है कि जोशी अस्पताल के प्रबंधकों के खिलाफ FIR दर्ज हो चुकी है / इसी बीच उन लोगों को बहुत मिर्ची लगी जिन्होंने विधायक रमन अरोड़ा की पीठ के पीछे कई घटिया बातें कहीं और सोशल मीडिया पर कई गंभीर इल्जाम लगाते नरज आये /





































