PTB Big न्यूज़ जालंधर : जालंधर के थाना डिवीजन नंबर 1 में मारपीट और जलालत से परेशान होकर गोइंदवाल पुल से ब्यास नदी में छलांग लगाने वाले ढिल्लों ब्रदर्स मानवजीत और जशनबीर के पिता जितेंद्र पाल सिंह ने पुलिस प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है। जितेंद्र पाल सिंह ने कहा कि जश्नबीर की डेड-बॉडी मिलने के बाद केस दर्ज हुए 3 दिन हो गए हैं, लेकिन अभी तक न SHO नवदीप और न ही उसके साथियों को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी न हुई तो बुधवार को वह कपूरथला अस्पताल के शवगृह से अपने बेटे जश्नबीर की डेड-बॉडी जालंधर ले आएंगे। इसके बाद वह जालंधर से डेड-बॉडी लेकर चंडीगढ़ जाएंगे और वहां पर जाकर बड़ा संघर्ष करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि न तो पुलिस प्रशासन ने दोनों भाइयों की डेड बॉडी ढूंढने में मदद की और न ही पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर रही है।
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ब्यास नदी में छलांग लगाने वाले ढिल्लों ब्रदर्स के परिजनों का कहना है कि SHO नवदीप सिंह ने उनके बेटे की पगड़ी भी मारपीट कर उतारी थी। SHO नवदीप ने सिखों के धार्मिक चिन्ह की भी बेअदबी की थी। उसके खिलाफ बेअदबी के लिए आईपीसी की धारा 295 के तहत भी केस दर्ज करने के लिए कहा था। लेकिन पुलिस ने केस में धारा 295 नहीं लगाई।
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आपको बता दें कि यह पूरा मामला 16 अगस्त का है। थाना डिवीजन नंबर 1 में फैमिली विवाद को लेकर दोनों पक्षों में कुछ बहस हो गई थी। मानवजीत और जश्नबीर लड़की परमिंदर कौर की तरफ से थाने में गए थे। इसी दौरान पुलिस ने लड़की वालों को थाने से बाहर निकाल दिया था। लेकिन थोड़ी देर में पुलिस कर्मचारी को भेजकर मानवजीत को अंदर बुलाया था। इसी दौरान मानवजीत के जोर-जोर से चिल्लाने की आवाजें सुनाई देने लगी।
जब जश्नबीर और अन्य परिजन थाने में गए तो वहां पर SHO नवदीप सिंह, मुंशी बलविंदर सिंह और महिला कॉन्स्टेबल जगजीत कौर मानवजीत को पीट रहे थे। उसकी पगड़ी तक उतार दी गई थी। SHO नवदीप सिंह ने अपना बचाव करने के लिए महिला कॉन्स्टेबल जगजीत कौर की शिकायत पर हुड़दंग मचाने का केस भारतीय दंड संहिता की धारा 107/ 151 के तहत मानवजीत परह दर्ज कर दिया और उसे हिरासत में ले लिया।
पुलिस की इस हरकत से छोटे भाई जश्नबीर को बहुत ज्यादा शर्म महसूस हुई और उसने इसे दिल पर ले लिया। अगले दिन जब मानवजीत पुलिस हिरासत से जमानत पर बाहर आया तो उसे पता चला कि जश्नबीर गोइंदवाल साहिब में पहुंच गया है। उसने बताया कि वह आत्महत्या करने जा रहा है। मानवजीत अपने दोस्तों के साथ गोइंदवाल साहिब में पहुंचा। उसने भाई को समझाने की कोशिश की, लेकिन उसने नदी में छलांग लगा दी। उसे बचाने के लिए मानवजीत भी पीछे ही कूद गया।






































