पीटीबी न्यूज़ जालंधर पीटीबी न्यूज़ जालंधर (एडिटर-इन-चीफ) राणा हिमाचल : जालंधर में नगर निगम ने अवैध निर्माण के खिलाफ बीते कुछ दिनों से निगम के अन्दर हलचल का बढ़ना सभी को हैरान कर रहा है, अवैध कॉलोनियों से लेकर बिना स्वीकृति के बनाई जा रही दुकानों-कॉमर्शियल इमारतों पर लगातार पीला पंजा इन दिनों हावी है । इसी कड़ी में बीते दिन जहां निगम की बिल्डिंग ब्रांच ने शहर के बीच मदन फ्लोर मिल के पास अवैध तरीके से बनाई जा रही कॉमर्शियल इमारत पर पीला पंजा चलाया वह किसी से छिपा नहीं है, लेकिन इसके उल्ट ज्यादातर करवाई उन लोगों पर हो रही है जिनको विरोधी पार्टियों का यह फिर विरोधियों द्वारा बनाई जा रही इमारतों पर है।

आपको बता दें कि मंडी रोड स्थित सेंट सोल्जर स्कूल के पास एक पुरानी ऊंची चारदीवारी के भीतर नई इमारत खड़ी करने का काम चल रहा था। छत डालने के लिए चारदीवारी के अंदर शटरिंग से लेकर तमाम तामझाम हो चुका था, लेकिन इसकी किसी ने निगम में शिकायत कर दी। निगम कमिश्नर अभिजीत कपलिश ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए बिल्डिंग ब्रांच को तुरंत गिराने के आदेश दिए।
मौके पर कार्रवाई करने पहुंचे नगर निगम बिल्डिंग ब्रांच के एटीपी सुखदेव वशिष्ठ ने बताया कि कार्रवाई निगम कमिश्नर अभिजीत कपलिश के आदेश पर की गई है। उन्होंने कहा कि मदन फ्लोर और सेंट सोल्जर स्कूल के पास मंडी रोड पर चारदीवारी की आड़ में बनाई जा रही कॉमर्शियल इमारत को लेकर नोटिस भी जारी किया गया था। नोटिस में मालिकान को इमारत बनाने संबंधी निगम से पास दस्तावेज, नक्शा इत्यादि दिखाने के लिए कहा गया था, लेकिन भवन बनाने वालों ने निगम कमिश्नर के नोटिस को गंभीरता से नहीं लिया और अवैध तरीके से निर्माण कार्य जारी रखा। जिस पर सुबह-सुबह डिमोलिशन की कार्रवाई की गई है।
यही नहीं ऐसी ही एक करवाई नगर निगम की बिल्डिंग ब्रांच ने रविवार को भी अवैध निर्माण जोकि फगवाड़ा हाईवे पर नींबू होटल के खिलाफ तब कि गई जब एटीपी सुखदेव वशिष्ठ और उनकी टीम को यह सुचना मिली की होटल मैरिटोन के बिलकुल साथ बिना मंजूरी के अवैध बेसमेंट निर्माण किया जा रहा है। इस दौरान जब निगम अधिकारीयों ने होटल के मालिक से दस्तावेज मांगे तो वह उचित जवाब नहीं दे पाए, जिसके बाद उक्त निर्माण कार्य रोका गया, हालांकि होटल बना रहे लोगों ने कहा था कि उनका प्रोजेक्ट इन्वेस्टमेंट पंजाब के तहत अप्रूव है और उनके पास फॉर्मेलिटी पूरी करने के लिए तीन साल का वक्त है, लेकिन निगम के अधिकारियों का कहना है कि होटल का नक्शा निगम के पास नहीं है, बिना नक्शा पास करवाए वह निर्माण नहीं करवा सकते।
हैरानी की बात तो यह है कि एटीपी सुखदेव वशिष्ठ व निगम के अधिकारीयों को नीबू होटल का अवैध निर्माण तो दिखाई दे गया, लेकिन होटल मेरिटोन द्वारा किये गए अवैध निर्माण जिसको अभी तक निगम कंप्लीशन सर्टिफिकेट भी नहीं दे पाया है के खिलाफ कोई भी करवाई नहीं कर पाया है। मिली जानकारी के अनुसार होटल मेरिटोन जिसके कई पार्टनर हैं में से ही एक पार्टनर द्वारा नीबू होटल का अवैध निर्माण किया जा रहा था। यही नहीं शहर में बहुत से जगहों पर लगातार अवैध निर्माण अभी भी जारी हैं, जिनका कच्चा चिटठा निगम के पास तो है लेकिन करवाई सिर्फ चंद लोगों की ही अवैध इमारतों पर की जा रही है। यही नहीं जोशी हॉस्पिटल ने भी सेंट्रल हल्के से विधायक रमन अरोड़ा को ठेंगा दिखते हुए अवैध निर्माण शुरू कर दिया है और तो और सुपर क्रीमिका अब शहर में एक और अवैध निर्मण करवाने जा रहा है, जिसका खुलासा भी जल्द ही किया जायेगा।
मिली जानकारी के अनुसार इन दिनों सिंघम बन बैठे निगम अधिकारी एटीपी सुखदेव वशिष्ठ के साथ-साथ कई अधिकारीयों व जालन्धर शहर से जुड़े कई आप नेताओं की मिली भगत से शहर में हो रहे अवैध निर्माणों की एक गुप्त लिस्ट चंडीगढ़ सीएम दरबार में पहुंच चुकी है, मिली जानकारी के अनुसार इस लिस्ट के खुलने के बाद निगम के कई अधिकारीयों को अपनी नौकरी से और आप के नेताओं व उनके दलालों, चम्मचों और पी ए को पार्टी कब दरकिनार कर दे यह देखना अभी बाकि है, जिसकी शह से शहर की जनता त्राहि-त्राहि और चंद रसूखदार चांदी कूट रहे हैं।








































