PTB Big न्यूज़ फिल्लौर : दो सप्ताह पहले पंजाब पुलिस अकादमी फिल्लौर में तैनात एक कर्मचारी नशे की ओवरडोज के चलते वह कोमा में चला गया था। इसके बाद से पूरे मामले का राजफाश हुआ कि अकादमी में क्या चल रहा है। अब छह और पुलिस कर्मचारियों पर कारवाई की तैयारी की जा रही है।
पंजाब पुलिस अकादमी में सालों से चल रहे नशे के खेल में शामिल रहने वाले दो कर्मचारियों को गिरफ्तार करने के बाद बुधवार को उन्हें जेल भेज दिया गया। इसके साथ ही अकादमी में नशे के खेल को लेकर की गई जांच की रिपोर्ट भी उच्च अधिकारियों के पास पहुंच गई है।
रिपोर्ट में इस बात को अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि अकादमी में नशे का कारोबार चल रहा था और कई पुलिसवाले उसके चलते नशे की गिरफ्त में आ गए। इसके बाद रिपोर्ट के अनुसार छह और पुलिस कर्मचारियों पर नशे के गोरखधंधे में शामिल होने के मामले में कारवाई की तैयारी की जा रही है। रिपोर्ट की कापी डीजीपी, डीआईजी व एसएसपी को भेजी गई है।
दो सप्ताह पहले अकादमी में तैनात एक कर्मचारी नशे की ओवरडोज के चलते वह कोमा में चला गया था। इसके बाद से पूरे मामले का राजफाश हुआ कि अकादमी में क्या चल रहा है। मामले की जानकारी जब उच्चाधिकारियों को हुई तो उन्हें जांच करवाई। अस्पताल में उक्त कर्मचारी का इलाज कर रहे डाक्टरों ने अधिकारियों को बताया कि उसने इतने इजेक्शन लगाए हैं कि उसकी कोई नस नहीं बची है जो खराब न हो गई है।
शरीर में नशीले इंजेक्शनों के निशान देखकर अधिकारियों के भी होश उड़ गए। आम नशेड़ियों को सुधारकर मुख्य धारा में लाने की लडाई लड़ रही पंजाब पुलिस के अधिकारियों के लिए यह हकीकत देखना किसी अजूबे से कम नहीं था। नतीजतन पूरे मामले की जांच करवाई गई और मंगलवार को अकादमी में नशे का कारोबार करने वाले सीनियर इंस्ट्रक्टर शक्ति कुमार व जय कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इन्हें आज अदालत में पेश करके न्यायिक हिरासत में ले लिया गया है।
शक्ति कुमार व जय कुमार अपने नेटवर्क के जरिए अकाडमी के पुलिसकर्मचारियों को पहले नशे की लत लगाते थे। उसके बाद जब उनके पास पैसे नहीं होते थे नशे के लिए तो उन्हें विभिन्न माध्यमों से कर्ज दिलवा देते थे। एक सिपाही ने जांच टीम को बताया कि उसके ऊपर 12 लाख का कर्ज नशे की लत लगाकर चढ़वा दिया गया है। उसी के बयान के आधार पर जांच टीम ने सारी जांच की है।
अकादमी में तैनात सभी कर्मचारियों का डोप टेस्ट हो सकता है। इसे लेकर जांच करने वाली टीम ने रिपोर्ट में भी सिफारिश की है। यहां कई सालों से नशे का कारोबार उक्त आरोपितों की तरफ से किया जा रहा था। इन्होंने कितने कर्मियों को नशे की लत लगाई है इसका पता सभी के डोप टेस्ट करवाने के बाद ही पता चलेगा।








































