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हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू के ही गृह जिले के तीन विधायक जिनकी वजह से गहरे संकट में पहुंची सुक्खू सरकार,

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PTB Big न्यूज़ हमीरपुर : विधानसभा में प्रदेश सरकार को राज्यसभा की सीट के लिए क्रॉस वोटिंग के राजनीतिक संकट से जूझना पड़ा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के गृह जिले से ही तीन विधायकों ने क्रॉस वोटिंग कर सरकार पर संकट खड़ा कर दिया है। इनमें सुजानपुर से विधायक राजेंद्र राणा और बड़सर के विधायक लखनपाल दोनों कांग्रेस पार्टी से चुनकर आए हैं और हमीरपुर सदर से आशीष शर्मा निर्दलीय विधायक हैं।

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कांग्रेस के विधायक राजेंद्र राणा और सुधीर शर्मा सरकार से लंबे समय से नाराज चल रहे थे और सोशल मीडिया पर अपनी ही सरकार को घेरते रहे। 16 दिसंबर को सुजानपुर में सेना दिवस के आयोजन के बहाने दोनों विधायकों ने शक्ति प्रदर्शन किया और प्रदेश सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद कर दी थी। हिमाचल कांग्रेस के दोनों कार्यकारी अध्यक्षों ने एक मंच पर आकर सीएम सुक्खू के गृह जिले से कांग्रेस सरकार को सियासी चुनौती दे दी थी।

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विधायक राजेंद्र राणा मुखर होकर सरकार के खिलाफ एक के बाद एक बयान दे रहे थे। सोशल मीडिया पर सीएम के नाम पत्र भी जारी किए गए। जनवरी में विधायक राजेंद्र राणा के बेटे अभिषेक राणा ने हिमाचल कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग के अध्यक्ष के पद से भी इस्तीफा दे दिया था। लगातार यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि अब विधायक राजेंद्र राणा और सुधीर शर्मा अपनी ही सरकार से आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार है। दो दिन पूर्व ही विधायक राणा ने पटलांदर स्थित अपने निवास स्थान पर समर्थकों की भीड़ जुटाकर बड़े बदलाव के संकेत भी दिए थे।

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राणा ने सरकार में पद लेने से स्पष्ट तौर पर इंकार करते हुए तंज कसा था कि सुजानपुर की जनता अब जूठा खाने के लिए नहीं है। हालांकि, उन्होंने भाजपा में शामिल होने की अटकलों पर अफवाह ही करार दिया था। विधानसभा में हुई क्राॅस वोटिंग की आशंका पहले ही जताई जा रही थी। विधायक राणा ने वोटिंग में भाग लेने को लेकर भी संशय बनाया हुआ था। दो दिन पूर्व उन्होंने वोटिंग में हिस्सा लेने पर विचार करने की बात कही थी। दोनों ही विधायकों ने एक नहीं, बल्कि कई दफा सरकार को चेताया लेकिन कांग्रेस सरकार ने इसे हल्के में लिया।

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