PTB News

Latest news
मुख्यमंत्री ने डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हमीरपुर में 200 करोड़ रुपये की लागत से निर... आईवी वर्ल्ड स्कूल द्वारा कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों के लिए विशेष करियर मार्गदर्शन सत... सेंट सोल्जर इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी, जालंधर में प्रथम सेमेस्टर के विद्य... एच.एम.वी. की प्रीति ने यूनिवर्सिटी में स्थान हासिल किया , एलपीयू ने 5वें वार्षिक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन और ग्लोबल समिट 2026 में 20 से अधिक देशों के 65 से अधिक... इनोसेंट हार्ट्स कॉलेज ऑफ़ एजुकेशन में टैलेंट हंट ‘परिचय’ ने प्रतिभाओं को दिया मंच, ਲਾਇਲਪੁਰ ਖਾਲਸਾ ਕਾਲਜ, ਜਲੰਧਰ ਦੇ ਕਾਮਰਸ ਵਿਭਾਗ ਵਲੋਂ ‘ਕਾਮਫੈਸਟ 2026’ ਦਾ ਕੀਤਾ ਗਿਆ ਆਯੋਜਨ, पंजाब सरकार को हाईकोर्ट से फिर लगी फटकार, मुख्य सचिव पर लगा 1 लाख का जुर्माना पंजाब : आप पार्टी के सरपंच के बेटे की गो*लि*यां मार*कर की हत्या, दोस्त घायल CM ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पर कृष्णा नगर स्थित मंदिर में टेका माथा, 25 लाख रुपये देने की कर दी घोषण...

सोनम वांगचुक का अनशन खत्म, लेकिन अभिजीत दीपके ने धरना खत्म करने से पहले रख दी बड़ी मांग,

Sonam Wangchuk's hunger strike is over, but Abhijeet Deepke made a big demand before ending the strike

PTB Big News ​नई दिल्ली : ​देश भर में गूंज रहे NEET पेपर लीक मामले और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग के बीच दो बड़े घटनाक्रम सामने आए हैं। एक ओर जहां 26 दिनों से अनशन पर बैठे प्रसिद्ध शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार के आश्वासन के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक गलियारों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग ने जोर पकड़ लिया है।

metaslider id=”7630″].

.

वहीं दूसरी ओर ​लंबे समय से अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जूस पिलाकर अनशन समाप्त करवाया। केंद्र सरकार ने वांगचुक को संसद में परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा कराने और प्रभावित छात्रों को राहत देने का लिखित आश्वासन दिया है। अनशन समाप्त करते हुए वांगचुक ने कहा कि यह “भूख हड़ताल का अंत और व्यवस्था में जवाबदेही (Accountability) की नई शुरुआत” है।

.

.

सोनम वांगचुक के अनशन खत्म कर दिया वहीं देश के लाखों छात्रों के भविष्य का हवाला देते हुए प्रमुख राजनीतिक/सामाजिक विश्लेषक अभिजीत दीपके ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। दीपके ने कहा कि देश की परीक्षा प्रणाली पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है और इसके लिए सीधे तौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री जिम्मेदार हैं।

.

​उन्होंने कहा, “जब देश का एक महान शिक्षाविद छात्रों के हक के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर अनशन पर बैठने को मजबूर हो जाए, तो यह शिक्षा मंत्रालय की सबसे बड़ी विफलता है। धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।

.

​सोनम वांगचुक द्वारा अनशन खत्म किए जाने और विपक्ष व विश्लेषकों द्वारा धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज होने से आने वाले दिनों में संसद और सड़क दोनों जगह सियासत और गरमाने के आसार हैं। सरकार द्वारा दिए गए लिखित आश्वासन के बाद अब सभी की निगाहें संसद में होने वाली संभावित चर्चा पर टिकी हैं।

.

.