PTB Big News कनाडा : भारतीय छात्रों का कनाडा में पढ़ाई करना काफी मुश्किल हो गया है। कनाडा के दूतावास ने भारतीय छात्रों का वीजा रिफ्यूजल रेट 20 से बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया है। इसके साथ ही कई कॉलेजों ने भारतीय छात्रों पर मनमानी शुरू कर दी है। हालत यह है कि भारत से वेबसाइट चेक करने पर कॉलेजों में सीट फुल नजर आती है, जबकि दूसरे देशों के नागरिकों के लिए सीटें खाली दिखाई देती हैं।
हालांकि कनाडा दूतावास ने भारतीय मूल के विद्यार्थियों के वीजा पर अंकुश लगाने संबंधी कोई अधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन इन कदमों से भारतीय छात्रों की चिंता बढ़ गई है। कनाडा के कई नामी कॉलेजों हंबर, शैरेडेन, एलगॉनक्विन, नेएट (नार्थ एलबर्टा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) सेएट (साउथ एलबर्टा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी), केपीयू (क्वांटलेन पॉलिटेक्निक यूनिवर्सिटी) लंगारा व डग्लस समेत कई कॉलेजों ने भारतीय मूल के छात्रों के लिए सीटें आधी कर दी हैं। हालांकि अधिकारिक रूप से ऐसी घोषणा नहीं की है।
वीजा रिफ्यूजल के साथ कनाडा के प्राइवेट कॉलेजों ने भी मनमानी शुरू कर दी है। कनाडा की तरफ से पहला डंडा फरवरी में चलाया गया, जहां क्यूबेक में निजी कॉलेजों पर शिकंजा कसा गया। इन कॉलेजों में भारतीय मूल के छात्रों की संख्या सबसे अधिक थी। अचानक फरमान जारी किया गया कि इन कॉलेजों में पढ़ने वालों को वर्क परमिट नहीं मिलेगा। जो विद्यार्थी दाखिला ले चुके थे, पैसा भेज चुके थे, वह बुरी तरह से फंस गए।
कनाडा के जो तीन कॉलेज दिवालिया घोषित किए गए, उनमें एम कॉलेज मॉन्ट्रियल, सीडीई कॉलेज शेरब्रुक और सीसीएसक्यू कॉलेज लांग्युइल शामिल हैं। इन कॉलेजों ने पहले ट्यूशन फीस जमा करने और पैसे देने के लिए दबाव बनाया। फिर अचानक से छात्रों को इस माह एक नोटिस जारी कर दिया कि वे कॉलेज को बंद कर रहे हैं। कॉलेजों में हजारों छात्रों का पैसा आज भी फंसा हुआ है।
कनाडा में भारतीय खासकर पंजाबी लोगों का नाम ड्रग व गैंगवार में काफी आगे निकल चुका है। चंद दिन पहले ही प्रदीप बराड़ की टोरंटो नाइट क्लब में गोलियां मारी गईं। दो दिन पहले ही कीपर्ज गैंग के मनिंदर धालीवाल को गोलियां मारकर कनाडा विलेज में हत्या कर दी गई, इसके पीछे पंजाबी ही थे। सिद्धू मूसेवाला की हत्या भी कनाडा में रहने वाले गोल्डी बराड़ ने करवाई थी। संदीप नंगल अंबियां की हत्या भी कनाडा से करवाई गई। कनाडा में पंजाब मूल के बड़ी संख्या में लोग ड्रग कारोबार का हिस्सा बन चुके हैं।








































