PTB News शिक्षा : भारत की विरासत एवं ऑटोनॉमस संस्था, कन्या महाविद्यालय,जालन्धर की पोस्ट ग्रैजुएट डिपार्टमेंट ऑफ़ हिंदी के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय व्याख्यानमाला के अंतर्गत औरत तू सबला है अबला नहीं विषय पर अंतरराष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन करवाया गया। अमेरिका से प्रसिद्ध लेखिका श्रीमती कमलेश चौहान ने इस आयोजन में बतौर स्रोत वक्ता शिरकत की। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने छात्राओं को वैदिक काल से लेकर मध्यकाल एवं आधुनिक काल की विभिन्न उदाहरण देते हुए भारत में महिलाओं की स्थिति, समस्याओं एवं समय-समय पर औरतों के द्वारा किए गए संघर्ष को उदाहरण के रूप में पेश करते हुए विस्तार से बयान किया।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जहां प्राकृतिक रूप में नारी का स्वभाव सहनशील एवं कोमलता से भरा हुआ है वहीं साथ ही वह आंतरिक तौर पर सशक्त और संघर्षी भी है। उन्होंने छात्राओं को विभिन्न महान औरतों के जीवन एवं फलसफे की उदाहरण देकर प्रत्येक युग में महिलाओं के द्वारा किाम्मेदारी और साहस से भरा जीवन जीने के लिए किए जाते कार्यों के पर भी प्रकाश डाला। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आधुनिक काल में भी स्त्री शक्ति अपने विकास के महत्वपूर्ण पड़ाव को पार कर स्वतंत्रता, समानता, शिक्षा, रोजगार के अधिकार आदि को प्राप्त कर चुकी है और यह भारत में ही नहीं बल्कि पश्चिमी देशों में भी विकासमई है।
वेबीनार के अंत में छात्राओं के द्वारा पूछे गए विभिन्न सवालों के जवाब भी उन्होंने बेहद सरल ढंग से दिए विद्यालय प्रिंसीपल प्रो. अतिमा शर्मा द्विवेदी ने विषय की महत्वपूर्ण जानकारी छात्राओं को प्रदान करने के लिए श्रीमती कमलेश चौहान के प्रति आभार व्यक्त किया और साथ ही इस सफल आयोजन के लिए डॉ. विनोद कालरा, अध्यक्षा, हिंदी विभाग एवं सभी अध्यापकों के द्वारा किए गए प्रयत्नों की प्रशंसा की।





































