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पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा को मिली अग्रिम जमानत, भरना पड़ा बेल बांड,

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PTB Big न्यूज़ चंडीगढ़ : पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा काे दो साल पहले एक केस में जिला अदालत से अग्रिम जमानत मिली। चीमा को सशर्त और 50 हजार रुपये के बेल बांड पर यह अग्रिम जमानत मंजूर की गई है। एडीजे डा. राजनीश की अदालत में हरपाल सिंह चीमा ने अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी। बीते दिन हुई इस सुनवाई पर अदालत ने चीमा को मामले की जांच के लिए उपलब्ध रहने, किसी भी तरह से अभियोजन पक्ष के गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगे और न ही उनसे संपर्क करेंगे।

इतना ही नहीं कोर्ट की अनुमति के बिना वह देश नहीं छोड़ सकेंगे। इसके अलावा आरोपित द्वारा जांच में शामिल होना अग्रिम जमानत की राहत के लिए पूर्ववर्ती शर्त है। सुनवाई की किसी भी तारीख पर उनकी अनुपस्थिति पर जमानत वापस भी ली जा सकती है। चीमा की तरफ से अदालत की हर शर्त को मंजूर किया गया, जिसके बाद उन्हें अग्रिम जामनत मिली।

मामले में आरोपित चीमा के वकील ने दलील दी कि आरोपित को वर्तमान मामले में परेशान करने और दबाव बनाने के लिए झूठा फंसाया गया है। उनके खिलाफ FIR में कोई अपराध नहीं बनता है। उन्हें किसी भूमिका के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। वह पिछले पांच वर्षों से अधिक समय से पंजाब विधानसभा के सदस्य हैं।

उन्होंने कभी भी ऐसा कोई गलत कार्य करने का इरादा नहीं किया जिससे कानून के किसी प्रावधान का उल्लंघन हो। चीमा के वकील ने कहा कि जिस समय यह मामला हुआ था उस समय पंजाब में कांग्रेस की सरकार थी और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह थे। चीमा पर यह FIR सत्ताधारी दल के राजनीतिक दुरुपयोग का परिणाम है।

आपको यह भी बता दें कि 10 जनवरी 2020 को पंजाब वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा तत्कालीन मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास की तरफ जा रहे थे। तभी उन्हें सेक्टर-4 स्थित MLA हॉस्टल के पास रोक दिया गया। उस समय धारा 144 लागू होने के कारण उन्हें रोक दिया गया था। इस दौरान आप कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पथराव करना किया था।

इस घटना में एक महिला कांस्टेबल को चोट आई थी। उसी की शिकायत पर सेक्टर-3 थाना में आप कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। पथराव करने के आरोप में पंजाब के सीएम भगवंत मान, हरपाल सिंह चीमा, अमन अरोड़ा और आप के 10 नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

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