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पंजाब पुलिस फिरोजपुर का नारकोटिक्स सेल सवालों के खेरे में, आखिर कहां से आई एक किलो हेरोइन,

staff firozpur narcotics cell brought one kilo heroin order implicate false case Punjab

PTB Big न्यूज़ फिरोजपुर : बीते दिनों लुधियाना और बीकानेर के युवकों को नशे के झूठे मामले में फंसाने को लेकर बेशक आरोपित फिरोजपुर के नारकोटिक्स सेल के इंस्पेक्टर, ASI और हेड कांस्टेबल को बर्खास्त कर दिया गया है, लेकिन इसके लिए एक किलो हेरोइन कहां से आई, इस पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस केस में दूसरे पुलिस मुलाजिमों का हाथ भी सामने आ सकता है। फिलहाल इसका राज आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद ही पता चलेगा।

चंद रुपयों के लिए नारकोटिक्स सेल ने किस तरह फर्जी केस तैयार करने की योजना बनाई, कहां से हेरोइन का इंतजाम किया। गाड़ी में लाखों रुपये होने की जानकारी कहां से मिली या फिर इतना पैसा मिलने पर बाद में योजना तैयार की गई। इन सवालों के जवाब जो भी हो लेकिन नारकोटिक्स सेल की मनमर्जी और फर्जीवाड़े से पर्दाफाश हो गया है। पुलिस ने कैंट थाना फिरोजपुर में नारकोटिक्स सेल के इंस्पेक्टर परमिंदर सिंह बाजवा, ASI अंग्रेज सिंह और हेड कांस्टेबल जोगिंदर सिंह के खिलाफ भी केस दर्ज कर लिया है, लेकिन तीनों आरोपित फरार है।

बीकानेर राजस्थान के भंवर लाल पारिक ने शिकायत दर्ज करवाई कि उसका छोटे भाई अशोक कुमार का रुपये के लेने देन का काम है। अशोक कुमार ने बताया कि 20 जुलाई 2022 को करीब साढ़े 5 बजे उसने अपने एक कर्मचारी गौतम को लुधियाना से किराए पर टैक्सी करवा मोगा भेजा था। टैक्सी कंवलजीत चला रहा था। गौतम ने मोगा से किसी पार्टी से 86 लाख रुपये की पेमेंट लेकर आना था।

शाम को 8 बजे गौतम का फोन बंद हो गया और बाद में पता लगा कि नारकोटिक्स सेल फिरोजपुर के इंस्पेक्टर परमिंदर बाजवा, सहायक थानेदार अंग्रेज सिंह, हेड कांस्टेबल जोगिंदर सिंह ने अन्य साथियों के साथ गौतम व टैक्सी ड्राइवर कंवलजीत को पकड़ लिया है। अशोक कुमार ने कहा कि उसको यकीन है कि इंस्पेक्टर बाजवा व उसके साथियों ने मिलकर उनकी 86 लाख रुपये की पेमेंट से 81 लाख रुपये खुर्दबुर्द कर दिए।

इसके बाद पुलिस ने उसके कर्मचारी गौतम व टैक्सी ड्राइवर कंवलजीत सिंह पर हेरोइन का फर्जी पर्चा दर्ज कर दिया। हेरोइन बरामदगी के मामले में एसएसपी सुरिदर लांबा ने नारकोटिक्स सेल के इंस्पेक्टर, ASI और हेड कांस्टेबल के साथ दूसरे मुलाजिमों को पूछताछ के लिए CIA स्टाफ बुलाया था। बाकी मुलाजिम तो आए लेकिन आरोपित वहां नहीं पहुंचे। आरोपितों को फोन किया गया लेकिन उनके फोन बंद आ रहे थे।

केस की जांच में जुटे DSP यादविंदर सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि फर्जी केस के लिए आरोपित हेरोइन कहां से लाए ये तभी पता चल सकेगा जब वह गिरफ्त में आएंगे। फिलहाल अभी मामले की जांच चल रही है। पूछताछ से पहले कुछ भी कहना असंभव है। अब देखना यह होगा कि हमेशा किसी न किसी मामले में सुर्खियाँ में रहने वाली पंजाब पुलिस अपने ही विभाग में हुए इस तरह के गंभीर मामले का खुलासा कब करती है /

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