PTB Big न्यूज़ चंडीगढ़ : पंजाब के कृषि विभाग द्वारा फसलों के अवशेषों की संभाल के लिए किसानों को दी मशीनों में 150 करोड़ रुपए के घोटाला होने की संभावना जताई गई है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जहां कृषि मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल द्वारा विजीलेंस जांच करवाने की बात कही गई है, वहीं इस मामले को लेकर पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह भी राडार पर आ गए है।
बताया जा रहा है कि विजीलैंस द्वारा कैप्टन से इस मामले संबंधित पूछताछ की जा सकती है। जिस समच यह घोटाला हुआ, उस समय कैप्टन पंजाब के मुख्यमंत्री थे और केंद्र द्वारा जो भी पैसा या सुविधा आती हैं, उसकी पूरी जिम्मेवारी मुख्यमंत्री की होती है। इसके अलावा उन किसानों से भी पूछताछ की जा सकती हैं, जिनकी तरफ से यह मशीनें खरीदी गई है। कृषि मंत्री ने बताया कि 16 अगस्त, 2022 तक विभाग की तरफ से मुहैया करवाई गई 83,986 मशीनों में से 79,295 मशीनों की फिजिकल वैरीफिकेशन की जा चुकी है,
जोकि कुल 94.4 प्रतिशत है। इन वैरीफाई की गई मशीनों में से 11,275 मशीनें (13 प्रतिशत) सूचियों में दर्शाए गए लाभार्थियों के पास उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने बताया कि मूल तौर पर की गई जांच के दौरान यह घपला 150 करोड़ रुपए तक का लगता है, जिसकी बारीकी से जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए विजीलैंस विभाग को लिखा गया है।








































