PTB Big न्यूज़ अमृतसर / जालंधर : वारिस पंजाब दे के चीफ खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के बारे में पुलिस की जांच में नए चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस को अमृतपाल के गनर के मोबाइल से फायरिंग रेंज का एक वीडियो मिला है। इसमें पूर्व फौजी हथियार चलाने की ट्रेनिंग दे रहे हैं। यह फायरिंग रेंज अमृतपाल के गांव जल्लूपुर खेड़ा में बनाई गई थी। पुलिस ने इसका वीडियो जारी किया है। इसमें दिख रहा है कि अमृतपाल के साथ रहने वाले फायरिंग की प्रैक्टिस कर रहे हैं। इस बीच अमृतपाल आनंदपुर खालसा फौज का निशान (लोगो) भी सामने आया है।
पुलिस ने ट्रेनिंग देने के केस में 2 पूर्व सैनिकों 19 सिख बटालियन से रिटायर्ड वरिंदर सिंह और थर्ड आर्म्ड पंजाब के तलविंदर की पहचान की है। पुलिस ने बताया कि दोनों के आर्म्स लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। पुलिस जांच के मुताबिक, अमृतपाल ने पंजाब आते ही ऐसे विवादित पूर्व सैनिकों को ढूंढना शुरू कर दिया था, जिनके पास पहले ही आर्म्स लाइसेंस हैं। इसे ट्रेनिंग देने में आसानी हो। वहीं पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अमृतपाल पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर काम कर रहा है।
यहां तक कि उसका दुबई से पंजाब आने से लेकर नशा छुड़ाओ केंद्र खोलने तक सब ISI का प्लान था। अब भी फरारी में ISI के एजेंट गुपचुप तरीके से उसे सिक्योरिटी दे रहे हैं। पंजाब पुलिस को अमृतपाल का पासपोर्ट घर से गायब मिला है। पुलिस ने परिवार से इसकी मांग की, लेकिन उन्होंने पासपोर्ट होने से इनकार कर दिया। इसे देखते हुए पुलिस ने एयरपोर्ट और लैंड पोर्ट पर उसका लुकआउट सर्कुलर का रिमाइंडर भेज दिया है। पंजाब से भागे अमृतपाल सिंह के अब हरियाणा के बाद उत्तराखंड पहुंचने का शक है। पुलिस का अनुमान है कि उसकी अगली कोशिश नेपाल बॉर्डर क्रॉस करने की है।
उत्तराखंड में अमृतपाल सिंह, मीडिया एडवाइजर पपलप्रीत सहित 5 साथियों के पोस्टर लगा दिए गए हैं। वहीं दूसरी तरफ नेपाल बॉर्डर पर भी BSF को अलर्ट रहने के लिए कह दिया गया है। इसके साथ-साथ सभी गुरुद्वारों की चेकिंग की जा रही है। उत्तराखंड पुलिस काशीपुर इलाके में अनाउंसमेंट कर रही है कि अगर किसी ने अमृतपाल और उसके किसी साथी को पनाह दी तो उन पर NSA के तहत कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इनकी सूचना देने वाले को इनाम दिया जाएगा।
वारिस पंजाब दे का चीफ अमृतपाल सिंह अलग देश खालिस्तान बनाने की पूरी प्लानिंग कर चुका था। खन्ना पुलिस की SSP अमनीत कौंडल ने शुक्रवार को बताया कि अमृतपाल सिंह के गनर तजिंदर सिंह उर्फ गोरखा बाबा से कई अहम खुलासे व बरामदगी हुई हैं। इन लोगों ने खालिस्तान का नया झंडा और अलग करेंसी बना ली थी। उन्होंने सिख रियासतों के झंडे तक बना लिए थे। प्राइवेट आर्मी आनंदपुर खालसा फौज के अलावा एक क्लोज प्रोटेक्शन टीम (CPT) भी बनाई गई थी। इसके अलावा आनंदपुर खालसा फौज के हर व्यक्ति को स्पेशल नंबर भी अलॉट किया गया था।
एसएसपी ने कहा कि अलग खालिस्तान बनाने के लिए अमृतपाल सिंह ने हथियारबंद संघर्ष शुरू करना था। उसके लिए ही यह सारी तैयारी हो रही थी। इन्होंने 2 वॉट्सऐप ग्रुप बनाए थे। आनंदपुर खालसा फौज वाले ग्रुप में नए लड़कों को जोड़कर उकसाया जाता था। दूसरा ग्रुप अमृतपाल टाइगर फोर्स के नाम से था, जिसमें सिर्फ अमृतपाल के करीबी ही मेंबर थे।








































