PTB न्यूज़ “शिक्षा” : हंस राज महिला महाविद्यालय की इनोवेशन काउंसिल ने अखिल भारतीय शिक्षा समागम (2023) में भाग लिया। इस समागम को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा संबोधित किया गया। इस सेशन का मुख्य उद्देश्य भारत को एक समानता वाले व ज्ञानवर्धक समाज के रूप में विकसित करना था। इस समारोह में यूनियन मिनिस्टर आफ एजुकेशन श्री धर्मेन्द्र प्रधान, राज्य शिक्षा मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी, डॉ. सुभास सरकार, डॉ. राजकुमार रंजन सिंह तथा शिक्षा जगत की अन्य जानी-मानी हस्तियां मौजूद थी।
इस समारोह का उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री मोदी ने नेशनल एजुकेशन पालिसी 2020 की तीसरी वर्षगांठ के अवसर पर भारत मंडपम, दिल्ली में किया। उन्होंने पीएम श्री स्कीम के अन्तर्गत फंड्स की पहली किस्त भी रिलीका की जिसके 630 करोड़ रुपए से 6207 स्कूलों को लाभ होगा। इसके अतिरिक्त एजुकेशन व स्किल संबंधित किताबों का 12 भाषाओं में अनुवाद भी किया गया है। समापन समारोह में श्री धर्मेंद्र प्रधान ने काोर देते हुए कहा कि एनईपी को पूरी तरह लागू करने के लिए शिक्षा परिवार प्रतिबद्ध है ताकि भारत शिक्षा की सुपरपावर बन सके।
उन्होंने कहा कि शिक्षा जगत से संबंधित हर व्यक्ति स्कूल इकोसिस्टम को मकाबूत बनाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने भारतीय भाषाओं में स्किल शिक्षा के महत्व पर काोर दिया तथा कहा कि एनसीएफ की गाइडलाइन्स भी टेक्सटबुक्स में बदली जाएंगी। अध्यापकों की क्षमता को बढ़ाने के लिए 300 संस्थानों को सेंटर-आफ-एक्सीलेंस बनाया जाएगा। डॉ. राजकुमार रंजन सिंह ने समारोह की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार भारत का सम्मान बढ़ेगा। डॉ. सुभास सरकार ने एनईपी 2020 के महत्व पर प्रकाश डाला तथा शिक्षा मंत्रालय के प्रयासों की सराहना की।
श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि भारत के पास विकास के असीम अवसर हैं तथा एनईपी 2020 की विशेष बात है कि स्कूलों में शिक्षा का माध्यम मातृभाषा है। इस समारोह में 16 विभिन्न सेशन थे। जिनमें स्टेकहोल्डर्स ने एनईपी 2020 को लागू करने के बारे में अपने विचार प्रस्तुत किए। कई महत्वपूर्ण एमओयू साइन किए गए। इस दौरान शिक्षण संस्थाओं द्वारा दी गई विभिन्न पहलुओं पर आधारित एक एग्जीबिशन भी लगाई गई जिसमें 2 लाख से अधिक लोगों ने शिरक्त की। प्राचार्या प्रो. डॉ. (श्रीमती) अजय सरीन ने एचएमवी आईआईसी इंचार्ज डॉ. अंजना भाटिया व उनकी टीम को बधाई दी तथा कहा कि सकारात्मकता के साथ हम स्किल्ड व विकसित भारत का सपना पूरा कर सकते हैं।






































