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घरेलू विवाद के कारण पिता ने बेटे पर चलाई गोलियां, खुद भी जहर निगला, दोनों की मौत

Due to a domestic dispute, the father shot his son, he also swallowed poison, both of them died

PTB Crime News लुधियाना : लुधियाना में रविवार रात घरेलू विवाद में एक रिटायर्ड फौजी पिता ने अपने ही इकलौते बेटे को बीच सड़क गोलियों से भून दिया। उसने बेटे को घर से लेकर सड़क तक गोलियां मारीं, जिससे उसकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पिता घर लौटा और खुद भी जहर (सल्फास) निगल लिया, जिससे उसकी भी मौत हो गई। दोनों दूसरी शादी को लेकर झगड़ते थे। पत्नी की मौत के बाद पिता दूसरी महिला के संपर्क में था और

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शादी करना चाहता था। जबकि, बेटा इसका विरोध करता था। इनके बीच कई बार झगड़े हो चुके थे। पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है और विदेश में रह रहे परिजन को सूचना दे दी है। रात करीब 9 बजे लुधियाना के न्यू एगर नगर इलाके में हुई। लोगों के अनुसार, रात करीब साढ़े 8 बजे युवक गुरशरण सिंह उर्फ गिन्नी और उसके पिता सुरिंदर सिंह के बीच झगड़ा शुरू हुआ। दोनों के बीच काफी देर तक बहस होती रही।

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फिर अचानक फौज से रिटायर्ड सुरिंदर ने अपनी लाइसेंसी 12 बोर की दोनाली बंदूक निकाली और फायरिंग शुरू कर दी। पहली गोली आवाज घर के अंदर से आई। सुरिंदर ने बेटे गुरशरण सिंह पर गोली चलाई थी। गोली उसकी बाजू में लगी तो वह घर से बाहर दौड़ा। वह भागते हुए चिल्ला रहा था- बचाओ, मेरे पिता मुझे जान से मार देंगे, वह गोली मार रहे हैं। सुरिंदर ने बंदूक लेकर गिन्नी का पीछा किया और सड़क पर फायरिंग की।

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इसी दौरान उसे एक और गोली लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वह सड़क पर गिर गया। इसके बाद पिता ने 2 गोली और मार दी, जिससे बेटे की मौत हो गई। इसके बाद पिता घर लौटा और करीब 10 मिनट के अंदर ही उसने भी सल्फास निगल लिया। इससे पिता सुरिंदर सिंह की भी मौत हो गई। पड़ोसियों ने इस खूनी मंजर को देखा और पुलिस को सूचित किया। साथ ही दोनों को अस्पताल भी पहुंचाया। गुरशरण सिंह ड्राइवर था और अनमैरिड था।

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उसकी दो बहनें हैं, जिनमें से एक बहन पुष्पिंदर कौर इंग्लैंड में और दूसरी बहन हरप्रीत कौर कनाडा में रहती है। इन दोनों को वारदात की सूचना दी गई है। बताया जा रहा है कि करीब 5 साल पहले इनकी माता का देहांत हो गया था। पत्नी की मौत के बाद सुरिंदर का अफेयर एक महिला से चल रहा था और वह उससे शादी की जिद पर अड़ा था। जबकि, गुरशरण उसका विरोध करता था और उसे समाज का डर दिखाता था। इससे दोनों के बीच झगड़े होते थे। घर में इन्हें रोकने वाला भी कोई नहीं था।

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सुरिंदर सिंह के भांजे गुरविंदर सिंह ने बताया कि रविवार रात को दोनों पिता-पुत्र खाना खा रहे थे। उसी दौरान दोनों की फिर से बहस हो गई। पिता अपने बेटे को नशेड़ी बताकर नशा छुड़ाओ केंद्र में भर्ती करवाना चाहता था, ताकि अपनी प्रेमिका को घर लाने में आसानी रहे। इसी बात को लेकर बहस हुई तो सुरिंदर सिंह ने अपने बेटे पर दोनाली बंदूक से गोली चला दी। गोली उसकी बाजू में लगी तो वह बाहर भाग गया। 

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सुरिंदर सिंह भी गली में उसके पीछे भागा और घर से करीब 200 मीटर दूर जाकर बेटे को 3 गोलियां मार दीं और उसकी मोके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस टीम और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लाइसेंसी हथियार को कब्जे में ले लिया है। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि कहीं इस खूनी संघर्ष के पीछे कुछ और भी कारण तो नहीं थे?

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