PTB Big न्यूज़ अमेरिका : पश्चिम एशिया में युद्ध की आग एक बार फिर से बहुत तेज भड़क उठी है। अमेरिका ने होर्मुज में एक दिन पहले 3 वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों का बहुत ही कड़ा जवाब दिया है। इन हमलों को अस्वीकार्य बताते हुए अमेरिका ने ईरान को गंभीर नतीजे भुगतने की एक बहुत बड़ी चेतावनी दी थी। इसी कड़ी में अमेरिकी सेना ने ईरान के कई प्रमुख हिस्सों में अपने बड़े हवाई हमले फिर से शुरू कर दिए हैं।
.अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इन हवाई हमलों की पूरी आधिकारिक पुष्टि की है। सेंटकॉम ने अपने पोस्ट में साफ तौर पर कहा है कि ईरान के खिलाफ ये कड़े सैन्य हमले अब शुरू कर दिए गए हैं। इन हमलों की मुख्य वजह होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे निर्दोष नागरिकों वाले तीन जहाजों पर हुआ ईरानी हमला है। इस बढ़ती हुई भयंकर तनातनी ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में एक बहुत ही गंभीर और
. .चिंताजनक युद्ध का माहौल बना दिया है। ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, देश के दक्षिणी हिस्से में स्थित केशम द्वीप और बंदर अब्बास में बहुत ही तेज धमाके हुए हैं। लगातार हो रहे इन भयंकर विस्फोटों की तेज आवाजों से पूरा का पूरा इलाका बहुत ही बुरी तरह से दहल गया है। अमेरिका के इस कड़े सैन्य एक्शन ने ईरान के भीतर पूरी तरह से एक बहुत ही भारी खौफ और अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया है।
.केशम द्वीप के अलावा दक्षिणी पोर्ट सिटी सीरिक में भी लगातार 7 बड़े विस्फोटों की तेज आवाजें लोगों द्वारा सुनी गई हैं। ईरान के सरकारी चैनल प्रेस टीवी के अनुसार, सीरिक के ताहेरुई पियर इलाके में अमेरिका की तरफ से 6 प्रोजेक्टाइल सीधे आकर गिरे हैं। इन सभी जगहों पर हुए भारी नुकसान का अभी तक कोई भी स्पष्ट और आधिकारिक आंकड़ा सामने बिल्कुल नहीं आ पाया है। इन हमलों के बाद पूरे देश में स्थिति काफी ज्यादा तनावपूर्ण और गंभीर हो गई है।
. .हमलों के तुरंत बाद ईरानी विदेश मंत्रालय ने अपना कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिकी कार्रवाई को इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन का खुला उल्लंघन बताया है। ईरान सरकार ने इस भयंकर हवाई हमले और पूरे तनाव के लिए सीधे तौर पर अमेरिकी सरकार को ही पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि हम अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों को सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे।
.होर्मुज स्ट्रेट में तीन वाणिज्यिक जहाजों पर हुए इस हमले के बाद अमेरिका ने आर्थिक मोर्चे पर भी एक बहुत बड़ा प्रहार किया है। अमेरिकी वित्त विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ईरानी तेल के उत्पादन और उसकी बिक्री के लिए जारी जनरल लाइसेंस को पूरी तरह रद्द कर दिया है। इस कड़े प्रतिबंध का सीधा असर ईरान की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा जो पहले से ही भारी संकटों का सामना कर रही है।



































