PTB Big Political न्यूज़ लुधियाना : लोक इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष व आत्म नगर हलके के पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह और उनके 7 साथियों को अदालत ने भगाेड़ा करार दिया है और इसके पोस्टर भी शहर के अलग अलग हिस्सों में लगा दिए गए हैं। वांटेड करार दिए गए सात लोगों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस, कर्मजीत सिंह बैंस, परमजीत सिंह बैंस, प्रदीप कुमार उर्फ गोगी शर्मा, सुखचैन सिंह, बलजिंदर कौर और जसबीर कौर उर्फ बब्बी की फोटो वाले पोस्टर शहर के विभिन्न हिस्सों में लगा दिए हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ पहले ही आपराधिक मामला दर्ज किया हुआ है।
बता दें कि अदालत ने 11 अप्रैल को ही पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस और उसके साथियों को अदालत नौ माह पुराने दुष्कर्म के मामले में भगोड़ा करार दिया था। केस में उनकी संपत्ति भी अटैच कर दी गई थी। आदेश ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट हरसिमरनजीत कौर की अदालत ने मंगलवार को जारी किए थे और पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस, कर्मजीत सिंह, बलजिंदर कौर, जसबीर कौर उर्फ भाभी, सुखचैन सिंह, परमजीत सिंह उर्फ पम्मा, प्रदीप कुमार व गोगी शर्मा के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए थे।
इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ भगौड़ा करार देते हुए 174 आईपीसी के तहत केस दर्ज किया था। विधायक समेत दूसरे साथियों पर एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट हरसिमरनजीत सिंह की अदालत के आदेश पर सात जुलाई 2021 को थाना डिविजन नंबर छह में केस दर्ज किया गया था। बैंस ने इन आदेशों को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी जिसे रद कर दिया गया था। इस मामले में आज तक एक भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। दुष्कर्म मामले में फंसे लुधियाना के आत्म नगर हलके के पूर्व विधायक एवं लोक इंसाफ पार्टी के प्रमुख सिमरजीत सिंह बैंस की अग्रिम जमानत याचिका को मंगलवार को अतिरिक्त सेशन जज रश्मि शर्मा की अदालत ने खारिज कर दिया था।
44 वर्षीय महिला ने 16 नवंबर, 2020 को तत्कालीन विधायक सिमरजीत सिंह बैंस उनके सहयोगी कमलजीत सिंह, बलजिंदर कौर, जसबीर कौर उर्फ भाभी, सुखचैन सिंह, परमजीत सिंह उर्फ पम्मा और गोगी शर्मा के खिलाफ दुष्कर्म के आरोप लगाकर केस दर्ज करने के लिए तत्कालीन पुलिस कमिश्नर को लिखित में आवेदन किया था। केस दर्ज नहीं किए जाने पर वह कई दिन तक पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर धरने पर भी बैठी थी। सुनवाई नहीं होने के बाद में उसने केस दर्ज करवाने के लिए अदालत से गुहार लगाई थी। अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया था।





































